बेटे-बहू पर उत्पीड़न के आरोप जनता दरबार में भावुक कर देने वाले मामले

कलेक्ट्रेट में आयोजित जनता दरबार में सोमवार को सबसे अधिक भावुक और मार्मिक दृश्य उन बुजुर्गों का रहा, जो अपने ही घरों में उत्पीड़न की शिकायत लेकर प्रशासन के सामने पहुंचे। किसी ने बेटे-बहू पर मारपीट के आरोप लगाए तो किसी ने घर से बेदखल करने की कोशिश की शिकायत दर्ज कराई। यह दृश्य वहां मौजूद अधिकारियों और फरियादियों दोनों के लिए बेहद भावुक कर देने वाला रहा, जिसने पारिवारिक रिश्तों में बढ़ते तनाव की तस्वीर सामने रख दी।
बुजुर्गों की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने कई मामलों में मौके पर ही वरिष्ठ नागरिक अधिनियम और भरण-पोषण अधिनियम के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर आयोजित इस जनता दरबार में कुल 167 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें भूमि विवाद, अवैध कब्जा, अतिक्रमण, आर्थिक सहायता, सामाजिक सुरक्षा और सड़क निर्माण से जुड़े मामले शामिल थे। अधिकांश शिकायतों का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया, जबकि शेष मामलों को संबंधित विभागों को भेजा गया।

आर्थिक संकट और शिक्षा सहायता की गुहार लेकर पहुंचे लोग
जनता दरबार में कई परिवार आर्थिक संकट की स्थिति को लेकर भी पहुंचे। कांवली रोड निवासी अमरजीत कौर ने अपनी बेटियों की फीस माफी की मांग की, जिस पर अधिकारियों ने नंदा-सुनंदा प्रोजेक्ट के तहत सहायता प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। वहीं छात्र आर्यन रमोला ने पिता की मृत्यु के बाद आर्थिक संकट के चलते फीस माफी की गुहार लगाई। डालनवाला निवासी विनिता ने भी अपने पुत्र के निजी स्कूल में प्रवेश के लिए सहायता की मांग की, जिस पर संबंधित विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
भूमि विवाद, अतिक्रमण और पारिवारिक मामलों पर सख्त रुख
फतेहपुर निवासी 80 वर्षीय बीर सिंह ने बेटे और बहू पर मारपीट और घर से बेदखल करने का आरोप लगाया, जिस पर पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसी तरह अन्य कई बुजुर्गों ने भी पारिवारिक उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई। इसके अलावा अतिक्रमण, अवैध टावर और सड़क निर्माण से जुड़े मामलों पर भी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। टीकरी क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने और सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर रिपोर्ट तलब की गई, जिससे स्पष्ट हुआ कि प्रशासन अब शिकायतों के त्वरित समाधान पर जोर दे रहा है।
