
उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा एवं कानपुर के प्रभारी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने नीट पेपर लीक और सीबीएसई विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इसमें मंत्री की कोई भूमिका नहीं है इसलिए उनके इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता। कानपुर के सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की है और परीक्षा प्रणाली को और पारदर्शी बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। इस बयान के बाद राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।
विपक्ष पर तीखा हमला कांग्रेस को बताया ‘कॉकरोच पार्टी’
मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने इस मुद्दे पर विपक्षी दलों पर भी जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष कमजोर हो चुका है और अब वह बिना आधार के आरोप लगा रहा है। उन्होंने कांग्रेस को लेकर विवादित टिप्पणी करते हुए उसे “कॉकरोच पार्टी” कहा और कहा कि यह न तो एक संगठित राजनीतिक दल है और न ही इसकी कोई स्पष्ट नीति है। उन्होंने यह भी कहा कि दोषियों को बचाने का दौर अब खत्म हो चुका है और सरकार में पारदर्शिता के साथ कार्रवाई हो रही है। मंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि कोई दोषी है तो उसे ही सजा मिलनी चाहिए न कि किसी और को निशाना बनाया जाए।

मोदी सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों का किया विस्तार से उल्लेख
अपने बयान में मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि 2014 में भारत दुनिया की 12वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था जो अब चौथे स्थान पर पहुंच चुका है। उन्होंने नोटबंदी जीएसटी आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अयोध्या राम मंदिर निर्माण को बड़ी उपलब्धियां बताया। इसके अलावा केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के विकास कार्यों का भी उल्लेख किया गया। मंत्री ने कहा कि यह समय भारत के आर्थिक और सामाजिक उत्थान का कालखंड है और देश तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है।
आर्थिक मजबूती और भविष्य की चुनौतियों पर सरकार का भरोसा
योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि सरकार संभावित आर्थिक मंदी जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत आधार पर खड़ी है और पहले भी प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने आर्थिक संकटों का सफलतापूर्वक सामना किया है। मंत्री ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में भी भारत अपनी विकास गति को बनाए रखेगा। शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शी भर्ती और परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है ताकि युवाओं को निष्पक्ष अवसर मिल सके।