राजनीतिराज्य

लखनऊ में सीएम योगी का बड़ा बयान, सरकारी संपत्तियों पर चेतावनी

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सरकारी योजनाओं और सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर भी महत्वपूर्ण संदेश दिया। अपने संबोधन में उन्होंने हर घर नल योजना का जिक्र करते हुए कहा कि जब सरकार ने गांव-गांव और घर-घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का अभियान शुरू किया तो कई जगह ऐसी शिकायतें सामने आईं कि नलों की टोंटियां चोरी हो रही हैं या फिर जानबूझकर सरकारी संसाधनों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री मुस्कराते हुए दिखाई दिए, जिसे राजनीतिक गलियारों में विपक्ष पर तंज के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान के राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की सुविधा के लिए बनाई गई योजनाओं को सफल बनाने की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं बल्कि समाज की भी है।

जनता से की सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा की अपील

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि सरकारी संपत्तियां किसी एक व्यक्ति की नहीं बल्कि पूरे समाज की होती हैं। इसलिए प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह सार्वजनिक संस्थानों और सरकारी संसाधनों की रक्षा करे। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाता है तो समाज के लोगों को उसे रोकना चाहिए और प्रशासन को इसकी जानकारी देनी चाहिए। सीएम ने विशेष रूप से जल संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि कई स्थानों पर नल खुले छोड़ दिए जाते हैं जिससे पानी की बर्बादी होती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि जल को बचाना आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पानी और पर्यावरण दोनों ही जीवन के आधार हैं और इनके संरक्षण के बिना विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने लोगों को जागरूक नागरिक बनने का संदेश दिया और सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।

लखनऊ में सीएम योगी का बड़ा बयान, सरकारी संपत्तियों पर चेतावनी

‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान का भव्य शुभारंभ

विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार ने एक दिन में 5 करोड़ पौधे लगाने के लक्ष्य के साथ ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान की शुरुआत की। लखनऊ में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं पौधारोपण कर इस अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि जनआंदोलन होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि धरती माता और प्रकृति के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करना हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने लोगों से अपनी मां के सम्मान में एक पौधा लगाने की अपील करते हुए कहा कि यह केवल एक पौधा नहीं बल्कि भविष्य की सुरक्षा का संकल्प है। उन्होंने कहा कि यदि पर्यावरण सुरक्षित रहेगा तो प्रकृति सुरक्षित रहेगी और प्रकृति सुरक्षित रहेगी तो संपूर्ण जीव सृष्टि का अस्तित्व भी सुरक्षित रहेगा। इस अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया ताकि पर्यावरण संरक्षण को व्यापक सामाजिक आंदोलन का रूप दिया जा सके।

नौ वर्षों में 242 करोड़ पौधे लगाने का दावा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में राज्य सरकार की पर्यावरण संबंधी उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद से अब तक उत्तर प्रदेश में ‘वन महोत्सव’ और अन्य अभियानों के माध्यम से 242 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि पहले वर्ष में पांच करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन जनसहभागिता और प्रशासनिक प्रयासों के कारण यह अभियान लगातार विस्तार पाता गया। प्रधानमंत्री Narendra Modi के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल प्रकृति और मातृभूमि के प्रति सम्मान व्यक्त करने का माध्यम है। उन्होंने भगवान राम के प्रसिद्ध संदेश “जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी” का उल्लेख करते हुए कहा कि मां और मातृभूमि के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना भारतीय संस्कृति की मूल भावना है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button