
पटना में खान सर के कोचिंग सेंटर के बाहर हुई फायरिंग की घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने इस पूरे मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने खान सर पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि उनका उद्देश्य पढ़ाना नहीं बल्कि अपनी तस्वीरें और लोकप्रियता बढ़ाना है। इस बयान के बाद शिक्षा और राजनीति के बीच बहस और तेज हो गई है।
खान सर पर लगाए गए गंभीर आरोप
तेज प्रताप यादव ने अपने बयान में कहा कि खान सर एक “जलन रखने वाले व्यक्ति” हैं और शिक्षक का काम चुपचाप पढ़ाना होता है न कि मीडिया में सुर्खियां बटोरना। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब जानबूझकर सुर्खियों में आने के लिए किया जा रहा है। उनके अनुसार, कुछ लोग शिक्षा के नाम पर राजनीति कर रहे हैं और अपने कोचिंग सेंटर को प्रचार का माध्यम बना रहे हैं। इस टिप्पणी ने सोशल मीडिया पर भी बहस छेड़ दी है।

कानून-व्यवस्था पर भी उठे सवाल
पूर्व मंत्री ने इस घटना के बाद राज्य की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। तेज प्रताप यादव ने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर माहौल को हाईलाइट कर रहे हैं और झूठे मामलों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उनके अनुसार, ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच जरूरी है ताकि सच सामने आ सके और किसी निर्दोष को परेशान न किया जाए।
राजनीतिक बयानबाजी से बढ़ा विवाद
तेज प्रताप यादव के बयान के बाद यह मामला अब केवल एक फायरिंग घटना तक सीमित नहीं रहा बल्कि राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है। एक तरफ जहां घटना की जांच की मांग हो रही है वहीं दूसरी तरफ बयानबाजी ने माहौल को और गर्म कर दिया है। फिलहाल प्रशासन की ओर से जांच जारी है लेकिन राजनीतिक प्रतिक्रियाओं ने इस मामले को और ज्यादा संवेदनशील बना दिया है।
