
पंजाब सरकार के उद्योग मंत्री Sanjeev Arora से जुड़े धन शोधन मामले में जांच एजेंसी ने पूछताछ को और आगे बढ़ा दिया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शनिवार को उनकी सात दिन की रिमांड पूरी होने के बाद उन्हें विशेष अदालत में पेश किया, जहां अदालत ने दो दिन की अतिरिक्त रिमांड मंजूर कर दी। इससे पहले एजेंसी ने 10 दिन की रिमांड की मांग की थी, लेकिन अदालत ने केवल सात दिन की अनुमति दी थी। अब मामले की जांच और गहराई से की जाएगी।
157 करोड़ के मोबाइल कारोबार से जुड़ा मामला
यह पूरा मामला करीब 157 करोड़ 12 लाख रुपये के मोबाइल कारोबार और कथित धन शोधन से जुड़ा बताया जा रहा है। जांच एजेंसी का आरोप है कि इस कारोबार के जरिए बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ियां की गईं और अवैध तरीके से धन का लेनदेन हुआ। Sanjeev Arora को इसी मामले में 9 मई को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से जांच एजेंसी को रिमांड मिली थी।

जांच में अन्य लोगों की भूमिका पर भी नजर
ED की ओर से अदालत में बताया गया कि इस मामले में कई वित्तीय दस्तावेज, बैंक ट्रांजैक्शन और कारोबारी कड़ियों की जांच अभी जारी है। एजेंसी का कहना है कि पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं, जिनके आधार पर अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। Sanjeev Arora से जुड़े इस मामले में कई कंपनियों और व्यक्तियों के नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
वित्तीय लेनदेन और दस्तावेजों की जांच जारी
सात दिन की रिमांड के दौरान ED ने मंत्री से कई दौर की पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी ने मोबाइल कारोबार, बैंक खातों, निवेश और वित्तीय लेनदेन से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे। अब दो दिन की अतिरिक्त रिमांड मिलने के बाद एजेंसी इन सभी पहलुओं को जोड़कर पूरे नेटवर्क को समझने और दस्तावेजों का मिलान करने में जुट गई है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।