सुप्रिया सुले के बयान से बढ़ीं NDA में जाने की अटकलें, कांग्रेस ने मांगा शरद पवार से जवाब

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की नेता सुप्रिया सुले के हालिया बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। उन्होंने परिसीमन (Delimitation) के मुद्दे पर कहा कि यदि महिला आरक्षण के तहत 50 प्रतिशत सीटें आरक्षित रहती हैं, तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सिर्फ जनसंख्या के आधार पर परिसीमन नहीं होना चाहिए। उनके इस बयान के बाद शरद पवार के एनडीए के करीब जाने की अटकलों को और बल मिला है।
कांग्रेस ने शरद पवार से मांगी स्थिति स्पष्ट करने की मांग
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शरद पवार देश के बड़े और सम्मानित नेता हैं, लेकिन उन्हें अपनी राजनीतिक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कभी चर्चा होती है कि शरद पवार कांग्रेस के साथ आ रहे हैं, तो कभी उनके विपक्ष छोड़ने की अटकलें सामने आती हैं। अल्वी ने कहा कि इस तरह की अटकलों पर विराम लगाने के लिए शरद पवार का स्पष्ट बयान जरूरी है।

परिसीमन बिल को लेकर कांग्रेस का आरोप
राशिद अल्वी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार परिसीमन और महिला आरक्षण जैसे मुद्दों को आगे बढ़ाते हुए संसद में राजनीतिक रणनीति अपना सकती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष को कमजोर करने के लिए विभिन्न एजेंसियों का इस्तेमाल कर सकती है। अल्वी ने कहा कि यदि प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया मनमाने तरीके से लागू की गई तो इससे लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व प्रभावित हो सकता है। यह कांग्रेस का राजनीतिक आरोप है, जिस पर केंद्र सरकार की ओर से इस खबर में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
क्या है परिसीमन बिल?
परिसीमन (Delimitation) का उद्देश्य जनसंख्या के आधार पर लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों की सीमाओं तथा सीटों का पुनर्निर्धारण करना है। वर्तमान में इस विषय पर चर्चा है कि भविष्य में लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। साथ ही यह बहस भी जारी है कि यदि सीटों का निर्धारण केवल जनसंख्या के आधार पर हुआ तो दक्षिण भारत के कुछ राज्यों का प्रतिनिधित्व प्रभावित हो सकता है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम निर्णय संसद द्वारा पारित कानून और आधिकारिक प्रक्रिया के बाद ही लागू होगा।