कांवड़ यात्रा के बीच गाजियाबाद में सख्त ट्रैफिक प्लान, कई मार्गों पर डायवर्जन लागू

कांवड़ यात्रा के चरम पर पहुंचते ही गाजियाबाद पुलिस ने शहर की यातायात व्यवस्था को और सख्त कर दिया है। शिवभक्तों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए दिल्ली रोड (NH-58) पर वनवे व्यवस्था लागू कर दी गई है। इसके साथ ही रोडवेज, निजी और इलेक्ट्रिक बसों के रूट बदल दिए गए हैं, जबकि कई प्रमुख मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही भी प्रतिबंधित रहेगी। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि बिना जरूरी काम के कांवड़ मार्ग पर जाने से बचें।
NH-58 पर वनवे व्यवस्था लागू
डीसीपी ट्रैफिक त्रिगुण बिसेन के अनुसार, मेरठ, मोदीनगर, मुरादनगर और गाजियाबाद की ओर कांवड़ियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसी कारण कांवड़ मार्ग की एक लेन केवल शिवभक्तों के लिए आरक्षित कर दी गई है, जबकि दूसरी लेन से केवल हल्के वाहन गुजर सकेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात को सुचारु बनाए रखना है।
बसों के रूट में बड़ा बदलाव
5 अगस्त की सुबह से सीमापुरी बॉर्डर और तुलसी निकेतन की ओर से आने वाली रोडवेज, निजी और इलेक्ट्रिक बसों को शहर में प्रवेश नहीं मिलेगा। इन बसों को गाजीपुर मंडी, NH-9, डासना इंटरसेक्शन, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे के रास्ते डायवर्ट किया जाएगा। वहीं, बुलंदशहर की ओर से आने वाली बसें लालकुआं से संचालित होंगी। आनंद विहार और कौशांबी से आने वाली बसों का भी शहर में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।

दूधेश्वरनाथ मंदिर क्षेत्र में विशेष व्यवस्था
5 अगस्त की सुबह से 12 अगस्त की रात तक दूधेश्वरनाथ मंदिर के आसपास विशेष ट्रैफिक प्रतिबंध लागू रहेगा। चौधरी मोड़, रेलवे रोड कट, दिल्ली जूस कॉर्नर, बजरिया, हापुड़ तिराहा, जरसीपुरा, गौशाला फाटक और कैला भट्ठा की ओर से मंदिर जाने वाले दोपहिया और हल्के वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। इससे श्रद्धालुओं की आवाजाही सुरक्षित और व्यवस्थित बनी रहेगी।
एम्बुलेंस के लिए ग्रीन कॉरिडोर, भारी वाहनों पर रोक
आपातकालीन सेवाओं को प्रभावित होने से बचाने के लिए पुलिस ने एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड के लिए ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया है। वहीं, दिल्ली, बागपत, हापुड़ और बुलंदशहर की ओर से आने वाले भारी वाहनों को शहर में प्रवेश नहीं मिलेगा। इन्हें NH-9, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे से भेजा जाएगा। लोनी बॉर्डर, सिद्धार्थ विहार, इंदिरापुरम, खोड़ा, सेक्टर-62, NH-34 और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे सहित कई मार्गों पर भी भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी।
कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। ऐसे में ट्रैफिक डायवर्जन और प्रतिबंधों का पालन करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। यदि लोग वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और पुलिस के निर्देशों का पालन करें, तो श्रद्धालुओं की यात्रा भी सुरक्षित रहेगी और शहर की यातायात व्यवस्था भी सुचारु बनी रहेगी।