
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने करीब 20 हजार वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। चुनाव परिणाम के बाद उनके प्रचार अभियान के दौरान दिए गए कई बयान फिर चर्चा में हैं, जिन्होंने चुनावी बहस को नई दिशा दी और मतदाताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा।
चुनाव प्रचार में आक्रामक रहे प्रशांत किशोर
बांकीपुर उपचुनाव के दौरान प्रशांत किशोर ने अपने भाषणों में सीधे बीजेपी नेतृत्व और स्थानीय नेताओं को निशाने पर रखा। उन्होंने चुनाव प्रचार को केवल वादों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि कई ऐसे बयान दिए जो लगातार चर्चा में बने रहे।
हनुमान जी और अहंकार वाला बयान
प्रचार के दौरान प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि बीजेपी नेताओं में अहंकार बढ़ गया है। उन्होंने धार्मिक प्रतीकों के राजनीतिक इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि जनता इस तरह की राजनीति का जवाब देगी।

‘कुत्ता-बिल्ली’ वाला बयान बना बड़ा मुद्दा
प्रशांत किशोर ने एक चुनावी सभा में दावा किया कि बीजेपी नेताओं का मानना है कि बांकीपुर उनका इतना मजबूत गढ़ है कि वे किसी को भी टिकट देकर चुनाव जीत सकते हैं। उन्होंने इसे अहंकार बताते हुए मतदाताओं से इस सोच को हराने की अपील की। हालांकि बीजेपी ने इस दावे को खारिज किया और कहा कि संबंधित बयान को गलत तरीके से पेश किया गया।
उम्मीदवार और नेतृत्व पर लगातार हमले
प्रचार के दौरान प्रशांत किशोर ने बीजेपी उम्मीदवार और राज्य नेतृत्व पर भी लगातार निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि जनता बदलाव चाहती है और यह चुनाव केवल एक सीट का नहीं, बल्कि बिहार के भविष्य की राजनीति का चुनाव है।
‘एक वोट से जाएगा संदेश’
अपने चुनाव अभियान में प्रशांत किशोर ने मतदाताओं से कहा कि जन सुराज को दिया गया एक-एक वोट बिहार के नेतृत्व को संदेश देगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे पारंपरिक राजनीतिक डर और समीकरणों से ऊपर उठकर मतदान करें।
जीत के बाद भी चर्चा में भाषण
बांकीपुर में जीत के बाद भी प्रशांत किशोर के चुनावी भाषण राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बने हुए हैं। समर्थकों का मानना है कि उनके सीधे संवाद और आक्रामक चुनाव अभियान ने मतदाताओं को प्रभावित किया, जबकि विरोधी दल उनके कई बयानों पर सवाल उठा रहे हैं।