कैलाश मानसरोवर यात्रा में अटके 52 भारतीय, विदेश मंत्रालय ने जारी की अहम एडवाइजरी

कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले 52 भारतीय श्रद्धालु नेपाल में फंस गए हैं, जिससे तीर्थयात्रियों और उनके परिवारों की चिंता बढ़ गई है। चीन में प्रवेश के लिए आवश्यक वीजा और परमिट नहीं मिलने के कारण यात्रा आगे नहीं बढ़ सकी। इस बीच विदेश मंत्रालय ने स्थिति स्पष्ट करते हुए यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है और भविष्य में ऐसी परेशानी से बचने की सलाह दी है।
क्यों फंसे भारतीय तीर्थयात्री?
जानकारी के अनुसार, ये सभी श्रद्धालु निजी टूर ऑपरेटरों के माध्यम से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले थे। हालांकि, उनके पास चीन में प्रवेश के लिए जरूरी वीजा और ट्रैवल परमिट उपलब्ध नहीं थे। दस्तावेज अधूरे होने की वजह से वे नेपाल से आगे की यात्रा नहीं कर पा रहे हैं।
इस मामले को लेकर विदेश मंत्रालय को लगातार सहायता के अनुरोध प्राप्त हुए हैं।

विदेश मंत्रालय ने जारी की एडवाइजरी
विदेश मंत्रालय ने यात्रियों से स्पष्ट कहा है कि वे सभी आवश्यक यात्रा दस्तावेज मिलने के बाद ही भारत से अपनी यात्रा शुरू करें।
मंत्रालय ने सलाह दी है कि:
- सभी आवश्यक वीजा और परमिट मिलने के बाद ही यात्रा प्रारंभ करें।
- केवल भविष्य में दस्तावेज मिलने की उम्मीद पर यात्रा शुरू न करें।
- यात्रा से पहले यह सुनिश्चित करें कि टूर ऑपरेटर अधिकृत और विधिवत पंजीकृत हो।
- अधूरे दस्तावेजों के साथ यात्रा करने से विदेश में फंसने का जोखिम बढ़ जाता है।
नेपाल में होटलों में ठहरे हैं यात्री
नेपाल स्थित भारतीय दूतावास ने संबंधित टूर ऑपरेटर से संपर्क किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सभी भारतीय श्रद्धालु फिलहाल काठमांडू के विभिन्न होटलों में सुरक्षित ठहरे हुए हैं।
बताया गया है कि यात्रियों के पासपोर्ट नई दिल्ली स्थित चीनी दूतावास में जमा हैं और वे वीजा जारी होने का इंतजार कर रहे हैं। टूर ऑपरेटर का कहना है कि अगले कुछ दिनों में वीजा मिलने की संभावना है।
कैलाश मानसरोवर का धार्मिक महत्व
कैलाश मानसरोवर हिंदू धर्म की सबसे पवित्र तीर्थ यात्राओं में से एक माना जाता है। मानसरोवर झील को भगवान शिव से जुड़ा पवित्र स्थल माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यहां स्नान करने और झील का जल ग्रहण करने से पापों से मुक्ति मिलती है।
वहीं, मानसरोवर के समीप स्थित कैलाश पर्वत को भगवान शिव और माता पार्वती का दिव्य निवास माना जाता है, जिसके दर्शन के लिए हर वर्ष हजारों श्रद्धालु कठिन यात्रा करते हैं।
यात्रियों के लिए सीख
यह घटना उन श्रद्धालुओं के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदेश है जो निजी टूर ऑपरेटरों के माध्यम से विदेश यात्रा की योजना बना रहे हैं। यात्रा शुरू करने से पहले सभी आधिकारिक दस्तावेजों की पुष्टि, वीजा की उपलब्धता और अधिकृत टूर ऑपरेटर का चयन भविष्य में ऐसी परेशानियों से बचा सकता है।
