भारत-पाक बैकडोर बातचीत पर विदेश मंत्रालय का बड़ा बयान, विक्रम मिस्री ने किया रुख साफ

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में लगातार तनाव बना हुआ है। इसी बीच हाल के दिनों में ऐसी खबरें सामने आई थीं कि दोनों देशों के बीच बैकडोर चैनल के जरिए बातचीत शुरू हो गई है। इन अटकलों को उस समय और बल मिला जब कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में आयोजित एक सुरक्षा सम्मेलन के दौरान भारत और पाकिस्तान के प्रतिनिधियों के बीच अनौपचारिक बातचीत हुई। अब इन दावों पर भारत सरकार ने आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है।
कोलंबो सम्मेलन को लेकर क्या था दावा?
हाल ही में कोलंबो में IISS Regional Security Conference आयोजित की गई थी। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि इस सम्मेलन के दौरान भारत और पाकिस्तान के प्रतिनिधियों के बीच अनौपचारिक मुलाकात हुई। इसके बाद यह चर्चा शुरू हो गई कि क्या दोनों देशों के बीच किसी बैकडोर डिप्लोमैटिक चैनल के जरिए संवाद चल रहा है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने क्या कहा?
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने इन खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत सरकार ऐसे निजी आयोजनों को किसी भी तरह की आधिकारिक बातचीत नहीं मानती। उन्होंने स्पष्ट किया कि निजी संस्थाओं द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होने वाले सेवानिवृत्त राजनयिक, पूर्व सैन्य अधिकारी या सिविल सोसाइटी के सदस्य केवल अपने व्यक्तिगत विचार रखते हैं। वे किसी भी रूप में भारत सरकार का प्रतिनिधित्व नहीं करते और उनके विचारों को सरकार की आधिकारिक नीति नहीं माना जा सकता।
अफगानिस्तान पर पाकिस्तान के हमले की भारत ने की निंदा
विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान पर किए गए हवाई हमलों की भी कड़ी आलोचना की। भारत ने कहा कि यह हमला बिना किसी उकसावे के किया गया और इससे क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता को गंभीर खतरा पैदा हुआ है। भारत ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वह अपने आंतरिक मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए अफगानिस्तान को निशाना बना रहा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस तरह की कार्रवाई अफगानिस्तान की संप्रभुता का भी उल्लंघन है।