राजनीति

ओमप्रकाश राजभर अपने विभाग के अफसरों से नाराज, 15 दिन में दूसरी बार CM से शिकायत

उत्तर प्रदेश में पंचायत सहायकों के आंदोलन और विभागीय कामकाज को लेकर पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अपने ही विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों पर सवाल उठाए हैं। राजभर ने प्रमुख सचिव अनिल कुमार और निदेशक अमित सिंह की कार्यशैली को लेकर मुख्यमंत्री से शिकायत की है। करीब 15 दिन में यह दूसरी शिकायत बताई जा रही है।

अपने ही विभाग के अधिकारियों पर उठाए सवाल

उत्तर प्रदेश सरकार में पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने विभाग के प्रमुख सचिव अनिल कुमार और निदेशक अमित सिंह की कार्यशैली को लेकर नाराजगी जाहिर की है।

राजभर का आरोप है कि अधिकारियों की कार्यशैली की वजह से विभाग की छवि प्रभावित हो रही है और पंचायत सहायकों से जुड़ा विवाद भी लंबा खिंच रहा है। उन्होंने इस मामले की जानकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देकर कार्रवाई की मांग की है।

हालांकि, अधिकारियों की ओर से इन आरोपों पर कोई पक्ष उपलब्ध नहीं है। इसलिए राजभर के आरोपों को फिलहाल उनके बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

15 दिन में दूसरी बार मुख्यमंत्री से शिकायत

खास बात यह है कि राजभर इससे पहले भी करीब 15 दिन पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर विभाग से जुड़े मामलों की शिकायत कर चुके हैं।

ओमप्रकाश राजभर अपने विभाग के अफसरों से नाराज, 15 दिन में दूसरी बार CM से शिकायत

उस समय उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र में प्रस्तावित दस बारातघरों और ई-पुस्तकालयों के निर्माण में देरी का मुद्दा उठाया था। राजभर के अनुसार, इन परियोजनाओं पर अपेक्षित गति से काम आगे नहीं बढ़ रहा था।

अब एक बार फिर अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर मुख्यमंत्री से शिकायत किए जाने के बाद विभागीय स्तर पर मंत्री और अफसरों के बीच समन्वय का मुद्दा चर्चा में है।

पंचायत सहायकों का आंदोलन भी बना मुद्दा

पंचायती राज विभाग से जुड़ा एक बड़ा मुद्दा पंचायत सहायकों का आंदोलन है। प्रदेश के पंचायत सहायक अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं।

15 सितंबर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बलरामपुर की 773 ग्राम पंचायतों में से उस दिन केवल 20 ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायक उपस्थित रहे और आंदोलन का असर स्थानीय कामकाज पर पड़ा।

वहीं, बिजनौर में भी पंचायत सहायकों की अनुपस्थिति को लेकर 350 कर्मचारियों को नोटिस जारी किए जाने की रिपोर्ट सामने आई है।

मंत्री बोले- मांगों पर हो रहा विचार

पंचायत सहायकों के आंदोलन को लेकर ओमप्रकाश राजभर का कहना है कि उनकी मांगों पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने इस संबंध में प्रमुख सचिव से बातचीत करने की बात भी कही है।

इस बीच पंचायत सहायकों का मुद्दा राजनीतिक रूप से भी चर्चा में है। अलग-अलग विपक्षी नेताओं की ओर से आंदोलनकारी कर्मचारियों के समर्थन में बयान सामने आए हैं।

ऐसे में विभागीय अधिकारियों के साथ मंत्री की नाराजगी और कर्मचारियों के आंदोलन, दोनों मुद्दे एक साथ सरकार के सामने हैं।

अधिकारियों की कार्यशैली पर राजभर के आरोप

राजभर का कहना है कि अधिकारियों की कार्यशैली के कारण विभाग की छवि खराब हो रही है। उन्होंने अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है।

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और यह भी स्पष्ट नहीं है कि मुख्यमंत्री कार्यालय या संबंधित अधिकारियों की ओर से इन आरोपों पर क्या जवाब दिया गया है।

इसलिए फिलहाल मामला मंत्री की शिकायत और विभागीय स्तर पर उठाए गए सवालों तक सीमित है।

2027 से पहले राजनीतिक संदर्भ भी अहम

उत्तर प्रदेश में 2027 का विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ सरकार और राजनीतिक दलों की गतिविधियां तेज हैं। ओमप्रकाश राजभर की सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी बीजेपी के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा है।

राजभर हाल के दिनों में राजनीतिक मुद्दों पर भी सक्रिय नजर आए हैं। सितंबर में उन्होंने विपक्षी नेताओं पर कई सार्वजनिक टिप्पणियां की हैं।

ऐसे समय में सरकार के एक सहयोगी दल के मंत्री द्वारा अपने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की कार्यशैली पर सार्वजनिक सवाल उठाना राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना है।

अब मुख्यमंत्री की कार्रवाई पर नजर

मंत्री की लगातार शिकायतों के बाद अब निगाह इस बात पर है कि सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है। क्या संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा, क्या शिकायतों की जांच आगे बढ़ेगी या फिर विभागीय स्तर पर कोई समाधान निकलेगा—इन सवालों का जवाब आगे की कार्रवाई से ही स्पष्ट होगा।

वहीं, पंचायत सहायकों का आंदोलन भी सरकार के लिए एक अलग प्रशासनिक चुनौती बना हुआ है। कई जिलों में इसके कामकाज पर असर की रिपोर्ट सामने आ चुकी है।

पंचायती राज विभाग में मंत्री और अधिकारियों के बीच मतभेद का मुद्दा एक बार फिर सामने आया है। ओमप्रकाश राजभर ने प्रमुख सचिव अनिल कुमार और निदेशक अमित सिंह की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री से शिकायत की है। दूसरी ओर पंचायत सहायकों का आंदोलन भी जारी है और कुछ जिलों में इसका असर ग्राम पंचायतों के कामकाज पर दिखाई देने की रिपोर्ट है। अब सरकार की ओर से इस शिकायत और कर्मचारी आंदोलन पर क्या कदम उठाया जाता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

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