
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। बीजेपी की सहयोगी अपना दल (सोनेलाल) की प्रमुख और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने दावा किया है कि आगामी चुनाव में उनकी पार्टी की सीटें 2022 के मुकाबले बढ़ेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि यूपी में NDA लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगा।
सीटों के बंटवारे पर अभी फैसला नहीं
अनुप्रिया पटेल ने गठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर कहा कि अभी इस पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। उन्होंने संकेत दिया कि सीटों की संख्या घटने के बजाय बढ़ने की उम्मीद है। इससे पहले भी वह कह चुकी हैं कि चुनाव करीब आने पर NDA के सभी सहयोगी दल मिलकर सीटों के बंटवारे पर चर्चा करेंगे।
उन्होंने कहा कि अपना दल (एस) संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने में जुटा है। पार्टी का लक्ष्य जिन सीटों पर चुनाव लड़े, वहां गठबंधन के उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करना है।
NDA की हैट्रिक का दावा
अनुप्रिया पटेल ने 2027 में NDA की वापसी को लेकर भी बड़ा दावा किया। उनका कहना है कि उत्तर प्रदेश में गठबंधन लगातार तीसरी बार सरकार बनाने जा रहा है। अक्टूबर की शुरुआत में भी उन्होंने कहा था कि NDA का लक्ष्य 2027 में दोबारा सरकार बनाना है और गठबंधन के कार्यकर्ता सभी 403 विधानसभा सीटों पर जीत के लिए काम करेंगे।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि NDA की हैट्रिक और सीटें बढ़ने का दावा अनुप्रिया पटेल का राजनीतिक अनुमान है, चुनाव का परिणाम नहीं।
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2024 की हार पर क्या बोलीं अनुप्रिया?
2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में NDA के प्रदर्शन पर अनुप्रिया पटेल ने विपक्ष के संविधान और आरक्षण से जुड़े नैरेटिव को जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना था कि उस समय NDA इस मुद्दे को प्रभावी तरीके से संभाल नहीं पाया और यह उसकी गलती थी।
उन्होंने दावा किया कि 2024 में विपक्ष को इससे राजनीतिक फायदा मिला, लेकिन 2027 में ऐसी स्थिति दोबारा नहीं बनेगी। अनुप्रिया पटेल ने विपक्ष पर भ्रम और गलत सूचना के जरिए चुनावी लाभ लेने का आरोप भी लगाया है। यह उनका राजनीतिक आकलन है।
अलग पूर्वांचल राज्य की मांग पर क्या कहा?
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर की ओर से अलग पूर्वांचल राज्य की मांग के सवाल पर अनुप्रिया पटेल ने कहा कि ऐसी मांगें पहले भी उठती रही हैं। उनके मुताबिक नए राज्य के गठन का फैसला केंद्र सरकार करती है और इसके लिए राज्य सरकार के प्रस्ताव की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होती है।
उन्होंने कहा कि फिलहाल उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अलग पूर्वांचल राज्य बनाने का कोई प्रस्ताव उनके सामने नहीं है।
2027 से पहले संगठन मजबूत करने पर जोर
अपना दल (एस) ने 2027 के चुनाव को देखते हुए संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं। हालिया बैठकों में बूथ प्रबंधन, संगठन के विस्तार और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया गया है। अनुप्रिया पटेल ने भी कहा है कि NDA के सभी घटक दलों को मिलकर चुनाव लड़ना है।
उत्तर प्रदेश में सीट बंटवारे को लेकर तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं है, लेकिन अनुप्रिया पटेल के बयान से यह संकेत जरूर मिलता है कि अपना दल (एस) 2027 में पिछली बार की तुलना में अधिक सीटों की उम्मीद कर रहा है। अब देखना होगा कि चुनाव नजदीक आने पर बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के बीच सीटों का वास्तविक फार्मूला क्या तय होता है।