राजनीतिराज्य

भगवंत मान के कैंप ऑफिस पर CBI रेड से पंजाब में सियासी भूचाल, AAP ने BJP पर लगाए गंभीर आरोप

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के कैंप ऑफिस से जुड़े परिसर में CBI की कार्रवाई ने चुनावी राज्य की राजनीति को अचानक गर्म कर दिया है। AAP ने इसे केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग से जोड़ा, जबकि कांग्रेस ने कार्रवाई को सरकार की जवाबदेही से जोड़कर कई सवाल खड़े किए हैं।

CBI कार्रवाई से मचा सियासी हड़कंप

चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री आवास के पास स्थित कैंप ऑफिस से जुड़े परिसर में मंगलवार, 6 अक्टूबर को CBI की कार्रवाई की खबर सामने आई। मामला मुख्यमंत्री के OSD राजवीर सिंह घुम्मन से जुड़े कथित भ्रष्टाचार, ट्रांसफर-पोस्टिंग और कैश फॉर पोस्टिंग के आरोपों से जुड़ा बताया जा रहा है।

कार्रवाई के बाद पंजाब की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।

भगवंत मान ने BJP पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कार्रवाई की टाइमिंग पर सवाल उठाते हुए बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल उनकी सरकार और उन्हें बदनाम करने के लिए किया जा सकता है।

मान ने कहा कि पंजाब में उनकी सरकार को मिल रहे जनसमर्थन से बीजेपी घबरा गई है। उन्होंने किसानों, राज्य के पानी और पंजाब यूनिवर्सिटी जैसे मुद्दों का भी जिक्र करते हुए केंद्र पर पंजाब की अनदेखी का आरोप लगाया।

भगवंत मान के कैंप ऑफिस पर CBI रेड से पंजाब में सियासी भूचाल, AAP ने BJP पर लगाए गंभीर आरोप

हाईकोर्ट के आदेश के बाद जांच

इस पूरे मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, ED की शिकायत के बाद अदालत ने 5 अक्टूबर को OSD के खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश दिया था। साथ ही CBI को जांच कर निर्धारित समय में रिपोर्ट पेश करने को कहा गया।

यानी CBI की कार्रवाई को केवल राजनीतिक आरोपों के चश्मे से देखने के बजाय इसके पीछे चल रही न्यायिक प्रक्रिया भी अहम है।

कांग्रेस ने भी मान सरकार को घेरा

CBI कार्रवाई के बाद विपक्ष ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को घेरने का मौका नहीं गंवाया। पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कैंप ऑफिस को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला।

उन्होंने आरोप लगाया कि जिस जगह से पंजाब की सत्ता चलती थी, अब वही CBI जांच के दायरे में है। बाजवा ने जांच एजेंसी से पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने की मांग की।

भ्रष्टाचार के आरोपों की लंबी सूची

विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों में पोस्टिंग, टेंडर, लाइसेंस, नीतिगत फैसलों, जमीन के इस्तेमाल और सरकारी मंजूरियों से जुड़े कथित भ्रष्टाचार का जिक्र किया गया है।

हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। फिलहाल CBI की जांच इस मामले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू बन गई है।

चुनाव से पहले बढ़ेगा दबाव?

पंजाब में 2027 का विधानसभा चुनाव अभी दूर है, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री के कैंप ऑफिस से जुड़ी CBI कार्रवाई AAP के लिए राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चुनौती बन सकती है।

एक तरफ भगवंत मान इसे केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग के रूप में देख रहे हैं, तो दूसरी तरफ विपक्ष इसे भ्रष्टाचार की जांच और जवाबदेही का मामला बता रहा है। अब असली फैसला राजनीतिक बयानों से नहीं, बल्कि CBI जांच और अदालत में सामने आने वाले तथ्यों से होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button