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इनरवा बॉर्डर पर वाहनों की आवाजाही रोकने के विरोध में दूसरे दिन भी धरना

भारत-नेपाल सीमा पर इनरवा बॉर्डर से चारपहिया और तीनपहिया वाहनों की आवाजाही पर रोक के खिलाफ सीमावर्ती लोगों का विरोध तेज हो गया है। सोमवार को लगातार दूसरे दिन लोगों ने धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने आवागमन बहाल करने और छोटी भंसार की व्यवस्था शुरू करने की मांग की है।

सुबह छह बजे से बॉर्डर पर जुटे लोग

इनरवा बॉर्डर से वाहनों की आवाजाही पर रोक के विरोध में सीमावर्ती लोगों का धरना सोमवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। रविवार को देर शाम तक प्रदर्शन के बाद सोमवार सुबह करीब छह बजे से ही लोग सीमा क्षेत्र में जुटने लगे और धरने पर बैठ गए।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वाहनों की आवाजाही बंद होने से सीमा से सटे गांवों के आम लोगों के साथ-साथ कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

ठोरी और भिस्वा बॉर्डर जैसी व्यवस्था की मांग

धरने पर बैठे लोगों ने मांग की कि इनरवा बॉर्डर से भी ठोरी और भिस्वा बॉर्डर की तर्ज पर चारपहिया और तीनपहिया वाहनों का आवागमन शुरू किया जाए।

फिलहाल इनरवा सीमा से केवल पैदल यात्रियों को आने-जाने की अनुमति होने की बात कही जा रही है। प्रदर्शनकारियों के अनुसार साइकिल, बाइक और अन्य वाहनों की आवाजाही पर भी रोक है।

लोगों का कहना है कि इस प्रतिबंध से रोजमर्रा के काम, व्यापार और सीमावर्ती इलाकों के लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।

इनरवा बॉर्डर पर वाहनों की आवाजाही रोकने के विरोध में दूसरे दिन भी धरना

छोटी भंसार शुरू करने की भी मांग

प्रदर्शनकारियों ने इनरवा बॉर्डर पर छोटी भंसार की व्यवस्था शुरू करने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि इससे सीमा पार छोटे व्यापार और आम लोगों की आवाजाही को सुविधा मिल सकती है।

धरने में शामिल लोगों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर प्रशासन की ओर से ठोस पहल नहीं होती और आवागमन की समस्या का समाधान नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

नेपाली पुलिस चौकी के पास चल रहा धरना

धरनास्थल के पास नेपाली पुलिस की चौकी भी मौजूद है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि धरना जारी रहने के बावजूद नेपाली पुलिस की ओर से मामले में कोई हस्तक्षेप नहीं किया गया और वह मूकदर्शक बनी हुई है।

प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप करने और सीमा पर वाहनों की आवाजाही को लेकर बनी स्थिति का समाधान निकालने की मांग की है।

सीमावर्ती लोगों में बढ़ रही नाराजगी

लोगों का कहना है कि भारत-नेपाल सीमा पर आवागमन की व्यवस्था का सीधा असर सीमावर्ती परिवारों और छोटे कारोबारियों पर पड़ता है। वाहनों पर रोक से लोगों को पैदल आवाजाही पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे सामान लाने-ले जाने और व्यापारिक गतिविधियों में परेशानी बढ़ रही है।

प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से स्थानीय लोगों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए व्यावहारिक समाधान निकालने की मांग की है।

मांग पूरी नहीं हुई तो अनिश्चितकालीन धरना

धरने में इस्लाम मियां, अलिहुसैन मियां, लालबहादुर राउत, अलिहक गद्दी, सुरेंद्र साह, आफताब हवारी, भरत सिंह क्षेत्री, अवधेश पटेल, लालू हवारी, हसमुल्लाह मियां, नेजामुद्दीन मंसूरी, ओमप्रकाश और दिलशाद आलम सहित कई लोग शामिल रहे।

प्रदर्शनकारियों ने कहा है कि जब तक चारपहिया और तीनपहिया वाहनों की आवाजाही बहाल करने समेत उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक धरना जारी रहेगा। अब प्रशासन की पहल पर लोगों की नजर है।

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