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चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन पर अनिल विज का हमला, बोले- सुप्रीम कोर्ट पर दबाव क्यों?

हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शन को लेकर तीखा हमला बोला है। विज ने कहा कि जब मामला सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में है और अदालत ने नोटिस भी जारी कर दिया है, तो विपक्ष को प्रदर्शन करने के बजाय सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का इंतजार करना चाहिए।

‘सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करें’

अनिल विज ने कहा कि अगर विपक्षी दल देश की कानून व्यवस्था और न्यायपालिका में विश्वास रखते हैं तो उन्हें सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा करना चाहिए। उनके मुताबिक, सर्वोच्च न्यायालय सभी पक्षों को सुनने के बाद उचित फैसला करेगा।

विज ने सवाल उठाया कि इस तरह के प्रदर्शन करके विपक्ष आखिर किस पर दबाव बनाना चाहता है। उन्होंने कहा कि कहीं यह सुप्रीम कोर्ट पर दबाव बनाने की कोशिश तो नहीं है। उन्होंने इसे अनुचित बताते हुए नेताओं से अदालत के फैसले का सम्मान करने की अपील की।

‘फैसले के बाद जो राजनीति करनी है करें’

हरियाणा के मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में सभी राजनीतिक दलों को अपनी राजनीति करने का अधिकार है। लेकिन जब कोई मामला न्यायालय में विचाराधीन हो तो उसके फैसले का इंतजार करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का सम्मान करना, उसके फैसले को स्वीकार करना और न्यायपालिका पर भरोसा रखना हर नागरिक और राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है।

चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन पर अनिल विज का हमला, बोले- सुप्रीम कोर्ट पर दबाव क्यों?

‘हरियाणा में कांग्रेस नाम की कोई चिड़िया नहीं’

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप शर्मा के उस बयान पर भी अनिल विज ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर विधानसभा चुनाव में भूपेंद्र हुड्डा को चेहरा नहीं बनाया जाता तो कांग्रेस चुनाव जीत सकती थी।

विज ने तंज कसते हुए कहा कि हरियाणा में कांग्रेस नाम की कोई चिड़िया का घोंसला नहीं है। उनके मुताबिक पार्टी अलग-अलग हिस्सों में बंटी हुई है और नेता अपने निजी स्वार्थ के हिसाब से कभी पास आते हैं तो कभी दूर चले जाते हैं।

किसान विरोधी होने के आरोप पर पलटवार

कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला के बीजेपी सरकार को किसान विरोधी बताए जाने पर भी अनिल विज ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि हरियाणा का किसान सरकार के साथ है और लगातार तीन बार बीजेपी की सरकार बनाकर जनता ने अपनी राय स्पष्ट कर दी है।

विज ने कहा कि विपक्षी नेताओं को लोकतंत्र में जनता के जनादेश का सम्मान करना सीखना चाहिए।

‘जनमत के फैसले का स्वागत करना सीखें’

अनिल विज ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनता का फैसला सबसे महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने विपक्षी नेताओं से अपील की कि वे जनमत के फैसले को स्वीकार करें और उसका सम्मान करें।

विज के इन बयानों से साफ है कि चुनाव आयोग के मुद्दे पर बीजेपी और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है।

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