
नई जिम्मेदारी संभालने के बाद पंजाब कांग्रेस के नए अध्यक्ष परगट सिंह ने दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेताओं से मुलाकातों का सिलसिला तेज कर दिया है। सोमवार को उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की। इससे पहले वे केसी वेणुगोपाल, सचिन पायलट समेत कई नेताओं से संपर्क कर चुके हैं।
खरगे से मुलाकात, संगठन मजबूत करने का संदेश
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नियुक्त होने के बाद परगट सिंह सोमवार को दिल्ली पहुंचे और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की। कांग्रेस की ओर से भी इस मुलाकात की जानकारी साझा की गई है। बैठक के बाद परगट सिंह ने कहा कि खरगे ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं और मार्गदर्शन दिया। उन्होंने पंजाब में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने और प्रदेश के अधिकारों व लोगों के हितों के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम करने की बात कही।
दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं से लगातार संवाद
परगट सिंह की दिल्ली में यह सक्रियता केवल एक मुलाकात तक सीमित नहीं है। उन्होंने कांग्रेस महासचिव संगठन केसी वेणुगोपाल से भी मुलाकात की और पंजाब संगठन को मजबूत करने तथा पार्टी की गतिविधियों को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। इसके अलावा पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं से भी वे संपर्क कर चुके हैं।

गुरशरण कौर से लिया आशीर्वाद
नई राजनीतिक जिम्मेदारी के बीच परगट सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की पत्नी गुरशरण कौर से भी मुलाकात की। उन्होंने उनका आशीर्वाद लिया और डॉ. मनमोहन सिंह की सादगी, ईमानदारी और समर्पण को अपने लिए प्रेरणास्रोत बताया। पंजाब रवाना होने से पहले इस मुलाकात को उन्होंने विशेष महत्व दिया।
भूपेश बघेल से मुलाकात भी रही चर्चा में
परगट सिंह की पूर्व पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल से मुलाकात भी राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय रही। कांग्रेस ने हाल ही में पंजाब मामलों की जिम्मेदारी सचिन पायलट को दी थी। पायलट की नियुक्ति के बाद संगठन को लेकर वरिष्ठ नेताओं से फीडबैक और संवाद का सिलसिला भी तेज हुआ था।
गुटबाजी के बीच संगठन को एकजुट करना चुनौती
परगट सिंह के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में पंजाब कांग्रेस के भीतर मौजूद अलग-अलग गुटों को साथ लेकर चलना शामिल है। पार्टी ने उन्हें ऐसे समय प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी है, जब 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और संगठन में एकजुटता पर जोर दिया जा रहा है। उनके चयन के बाद पार्टी नेतृत्व की कोशिश सभी प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं को एक मंच पर लाने की है।
अब पंजाब में नई टीम पर नजर
दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं से मुलाकातों के बाद अब निगाहें परगट सिंह के पंजाब लौटने और संगठन की अगली रणनीति पर रहेंगी। नई टीम में किन नेताओं को जगह मिलती है और अलग-अलग गुटों के बीच वे किस तरह समन्वय बनाते हैं, यह उनकी नेतृत्व क्षमता की अहम परीक्षा होगी। फिलहाल उनकी शुरुआती गतिविधियों से साफ है कि वे प्रदेश संगठन की कमान संभालने से पहले केंद्रीय नेतृत्व के साथ संवाद को प्राथमिकता दे रहे हैं।
पंजाब कांग्रेस की नई जिम्मेदारी परगट सिंह के लिए सिर्फ पद संभालने का मामला नहीं, बल्कि संगठन को सक्रिय और समन्वित करने की बड़ी चुनौती है। दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं से उनकी लगातार मुलाकातें इसी दिशा में शुरुआती कदम के तौर पर देखी जा रही हैं।
