
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले भाजपा ने संगठनात्मक तैयारियों को तेज किया है। इसी क्रम में प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े 17 और 18 सितंबर को गोरखपुर में रहेंगे। दो दिनों में बैठकें, कार्यकर्ताओं से संवाद और क्षेत्र की 62 विधानसभा सीटों की जमीनी स्थिति पर चर्चा होगी।
गोरखपुर से शुरू हुआ दो दिवसीय दौरा
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव प्रभारी विनोद तावड़े गुरुवार को गोरखपुर पहुंचे। यह प्रदेश प्रभारी बनने के बाद गोरखपुर क्षेत्र का उनका पहला दौरा है। रिपोर्टों के मुताबिक, उनका कार्यक्रम संगठन के अलग-अलग स्तरों से फीडबैक लेने पर केंद्रित है।
गोरखपुर क्षेत्र में संगठनात्मक रूप से 62 विधानसभा क्षेत्र आते हैं। ऐसे में दो दिवसीय प्रवास को आगामी चुनाव की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नवनियुक्त पदाधिकारियों से पहली बैठक
दौरे के पहले दिन तावड़े क्षेत्रीय कार्यालय में नवनियुक्त पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद सहजनवां विधानसभा क्षेत्र स्थित अटल आवासीय विद्यालय में ‘आशीर्वाद का दीया’ और मिष्ठान वितरण कार्यक्रम में शामिल होने का कार्यक्रम है।
यह कार्यक्रम संगठन के नियमित गतिविधियों के साथ सेवा संकल्प अभियान से भी जुड़ा है।

18 सितंबर को कई स्तरों पर संवाद
दूसरे दिन रानीडीहा स्थित भाजपा के क्षेत्रीय कार्यालय में क्षेत्रीय स्तर की बैठकें होंगी। इसके अलावा मीडिया और सोशल मीडिया से जुड़े पदाधिकारियों के साथ भी संवाद प्रस्तावित है। पार्टी की गतिविधियों और कार्यक्रमों को जनता तक डिजिटल माध्यमों से पहुंचाने पर चर्चा होगी।
इसके बाद तावड़े वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे और शाम को अयोध्या धाम के लिए रवाना होंगे।
आजमगढ़ और बस्ती पर भी नजर
दौरे में उन क्षेत्रों पर विशेष चर्चा होने की संभावना है, जहां पिछले चुनावों में भाजपा को अपेक्षाकृत अधिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। स्थानीय रिपोर्टों में आजमगढ़ और बस्ती मंडल का विशेष उल्लेख किया गया है।
अमर उजाला के अनुसार, 2022 के विधानसभा चुनाव में गोरखपुर क्षेत्र की 62 सीटों में भाजपा ने 42 सीटें जीती थीं। वहीं आजमगढ़ मंडल की 21 सीटों में पार्टी के पास तीन सीटें थीं।
संगठन से लेकर जमीनी समीकरण तक फीडबैक
तावड़े के कार्यक्रम में सांसदों, विधायकों, जिलाध्यक्षों, क्षेत्रीय पदाधिकारियों और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से बातचीत शामिल है। इससे संगठन की सक्रियता, स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियों और चुनावी तैयारियों से जुड़ी जानकारी जुटाने का प्रयास किया जाएगा।गोरखपुर का यह दौरा केवल बैठकों तक सीमित नहीं है। 62 विधानसभा क्षेत्रों से मिलने वाला फीडबैक आगे भाजपा की संगठनात्मक तैयारियों और 2027 के चुनावी कार्यक्रमों में किस तरह इस्तेमाल होता है, यह आने वाले महीनों में स्पष्ट होगा।
