
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले भदोही की औराई सीट पर सियासी तापमान बढ़ गया है। BJP विधायक दीनानाथ भास्कर की सोशल मीडिया पोस्ट के बाद सपा नेताओं के जवाब और भाजपा के भीतर से उठे विरोध ने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है।
दीनानाथ भास्कर की पोस्ट से शुरू हुआ विवाद
भदोही की औराई सुरक्षित सीट से BJP विधायक और पूर्व मंत्री दीनानाथ भास्कर की सोशल मीडिया पोस्ट ने स्थानीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी। उन्होंने सनातन धर्म को लेकर टिप्पणी करते हुए विपक्षी दलों पर निशाना साधा।
भास्कर ने अपनी पोस्ट में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस समेत विपक्षी नेताओं पर सवाल उठाए। उनके बयान के बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक बहस शुरू हो गई।
सपा नेताओं को BJP में आने का ऑफर
विवाद तब और बढ़ गया जब भाजपा विधायक ने दावा किया कि औराई की पूर्व सपा प्रत्याशी अंजनी सरोज और पूर्व विधायक मधुबाला पासी सरोज कथित तौर पर भाजपा नेताओं से मुलाकात कर रही हैं।
भास्कर ने दोनों नेताओं को सार्वजनिक रूप से भाजपा में शामिल होने का ऑफर तक दे दिया। उन्होंने कहा कि यदि वे भाजपा में आना चाहती हैं तो पर्दे के पीछे मुलाकात करने के बजाय खुले तौर पर पार्टी में शामिल हों, उनका स्वागत किया जाएगा।

अंजनी सरोज ने पलटवार किया
भाजपा विधायक के आरोपों पर पिछला विधानसभा चुनाव लड़ चुकीं सपा नेता अंजनी सरोज ने सोशल मीडिया के जरिए लंबी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने भास्कर पर कई आरोप लगाए और उनके विकास कार्यों को लेकर सवाल खड़े किए।
अंजनी सरोज ने प्रशासन से मामले में FIR दर्ज करने की मांग भी की। हालांकि, उनकी प्रतिक्रिया में भाजपा में जाने की संभावनाओं को लेकर कोई स्पष्ट घोषणा या सीधा खंडन सामने नहीं आया।
मधुबाला पासी का शायराना जवाब
पूर्व विधायक मधुबाला पासी ने भी भास्कर के दावे पर सीधे तौर पर कोई सफाई नहीं दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “लश्कर भी तुम्हारा, सरदार भी तुम्हारा। झूठ को सच लिख दो अखबार भी तुम्हारा।”
उनकी इस प्रतिक्रिया ने भी राजनीतिक चर्चाओं को शांत करने के बजाय और बढ़ा दिया। अब सवाल उठ रहा है कि क्या भाजपा विधायक का दावा सिर्फ राजनीतिक हमला है या इसके पीछे कोई वास्तविक राजनीतिक घटनाक्रम भी है।
BJP के भीतर भी उठे सवाल
मामला सिर्फ BJP और सपा के बीच नहीं रुका। भाजपा के निवर्तमान जिला मंत्री चंदूलाल चंद्राकर ने भी दीनानाथ भास्कर पर निशाना साधा। उन्होंने खुद को औराई का बेटा बताते हुए विधायक पर तीखी टिप्पणी की और दावा किया कि जनता उन्हें अधिक पसंद करती है।
इस बयान के बाद साफ हो गया कि औराई में राजनीतिक खींचतान केवल विपक्षी दलों तक सीमित नहीं है, बल्कि भाजपा के अंदर भी स्थानीय स्तर पर मतभेद दिखाई दे रहे हैं।
चुनाव से पहले बढ़ी सियासी गर्मी
औराई की घटनाओं ने अब लखनऊ तक राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है। सपा के भीतर यह सवाल उठ रहा है कि क्या उसके स्थानीय नेताओं के भाजपा नेताओं से संपर्क की कोई वास्तविक कोशिश चल रही है। वहीं, भाजपा के लिए भी पार्टी के भीतर उठती आवाजें चुनौती बन सकती हैं।
हालांकि, अभी तक अंजनी सरोज या मधुबाला पासी के भाजपा में शामिल होने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल इसे राजनीतिक अटकलों और आरोप-प्रत्यारोप के रूप में ही देखा जा रहा है।
UP चुनाव से पहले औराई की यह सियासी कहानी अभी अधूरी है। एक सोशल मीडिया पोस्ट ने पुराने राजनीतिक समीकरणों, संभावित दल-बदल और भाजपा के भीतर की खींचतान को सामने ला दिया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले दिनों में कोई नेता पाला बदलता है या यह पूरा विवाद चुनावी राजनीति तक ही सीमित रहता है।
