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रोहित गोदारा गैंग की धमकियों के बाद हाईकोर्ट पहुंचे पूर्व विधायक बलराज कुंडू, सुरक्षा बढ़ाने की मांग; 10 अगस्त को अगली सुनवाई

हरियाणा के महम से पूर्व विधायक बलराज कुंडू ने कथित तौर पर रोहित गोदारा गैंग से लगातार मिल रही जान से मारने की धमकियों के बाद पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया है। उन्होंने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा बढ़ाने, खतरे का नए सिरे से आकलन करने और पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग करते हुए याचिका दायर की है।

विदेशी नंबरों से मिलीं कथित धमकियां

याचिका में बलराज कुंडू ने बताया कि 25 और 26 मई को उन्हें विदेशी नंबरों से व्हाट्सएप मिस्ड कॉल प्राप्त हुईं। इसके बाद कथित रूप से गैंगस्टर महेंद्र ढालाना, जिसे रोहित गोदारा गैंग से जुड़ा बताया गया है, की ओर से लगभग 1 मिनट 22 सेकंड का एक वॉइस नोट भेजा गया। कुंडू का दावा है कि इसमें उन्हें रंगदारी नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। अगले दिन उन्हें कथित तौर पर एक और संदेश मिला, जिसमें लिखा था, “तैयार रहो, जल्द मिलेंगे।”

सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

पूर्व विधायक ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि उन्हें और उनके परिवार को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन उपलब्ध कराई गई सुरक्षा पर्याप्त नहीं है। उनका कहना है कि उनके साथ तैनात सुरक्षाकर्मी आधुनिक हथियारों से लैस नहीं हैं, जिससे किसी संभावित हमले की स्थिति में सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी नहीं रह जाती।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हरियाणा से बाहर या गुरुग्राम जाने पर उनके सुरक्षाकर्मियों को राज्य से बाहर जाने की अनुमति नहीं मिलती, जिससे सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होती है।

रोहित गोदारा गैंग की धमकियों के बाद हाईकोर्ट पहुंचे पूर्व विधायक बलराज कुंडू, सुरक्षा बढ़ाने की मांग; 10 अगस्त को अगली सुनवाई

केंद्र और राज्य को भेजा प्रतिवेदन

बलराज कुंडू ने केंद्रीय गृह सचिव, हरियाणा के पुलिस महानिदेशक और चंडीगढ़ के पुलिस महानिदेशक सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों को प्रतिवेदन भेजकर मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने अदालत से यह भी अनुरोध किया है कि रोहित गोदारा गैंग के आपराधिक रिकॉर्ड और हाल के मामलों से संबंधित जानकारी भी रिकॉर्ड पर लाई जाए।

हाईकोर्ट में सरकार ने क्या कहा?

सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार की ओर से हाईकोर्ट को बताया गया कि बलराज कुंडू के आवास की सुरक्षा के लिए एक एएसआई और चार पुलिसकर्मी तैनात हैं। इसके अलावा उन्हें तीन पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) भी उपलब्ध कराए गए हैं।

सरकार ने अदालत को यह भी बताया कि यदि याचिकाकर्ता को अतिरिक्त सुरक्षा की आवश्यकता है, तो वे नियमानुसार आवेदन कर सकते हैं और अतिरिक्त सुरक्षा का खर्च स्वयं वहन कर सकते हैं।

10 अगस्त को होगी अगली सुनवाई

इस पर कुंडू के वकील ने अदालत से कहा कि अतिरिक्त सुरक्षा के खर्च को लेकर अपने मुवक्किल से निर्देश लेने के लिए समय चाहिए। अदालत ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्त 2026 के लिए निर्धारित कर दी।

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