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वोटर लिस्ट में बड़ा बदलाव, हरियाणा में लाखों नाम हटने से मचा सियासी हलचल

हरियाणा में मतदाता सूची की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के तहत जारी ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। 31 जुलाई को प्रकाशित सूची में 16.39 प्रतिशत मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। खास बात यह है कि औद्योगिक जिलों गुरुग्राम और फरीदाबाद में सबसे ज्यादा मतदाता प्रभावित हुए हैं।

SIR में हरियाणा तीसरे स्थान पर

अब तक जिन राज्यों में SIR प्रक्रिया पूरी हुई है, उनमें मतदाताओं के नाम हटने के मामले में हरियाणा तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। इससे पहले अरुणाचल प्रदेश में 19.09 प्रतिशत और उत्तर प्रदेश में 18.7 प्रतिशत मतदाताओं के नाम हटाए गए थे।

हरियाणा में कुल मतदाताओं के 16.39 प्रतिशत नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर किए गए हैं। निर्वाचन विभाग के अनुसार, यह कार्रवाई सत्यापन प्रक्रिया के आधार पर की गई है।

83.61 प्रतिशत मतदाताओं के फॉर्म हुए जमा

हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, राज्य के 83.61 प्रतिशत पंजीकृत मतदाताओं ने गणना फॉर्म जमा किए। इन्हीं फॉर्म के आधार पर उनके नाम मसौदा मतदाता सूची में शामिल किए गए।

वहीं जिन मतदाताओं ने फॉर्म जमा नहीं किए या सत्यापन में उपलब्ध नहीं मिले, उन्हें स्थानांतरित, अनुपस्थित, मृत या एक से अधिक जगह पंजीकृत जैसी श्रेणियों में रखा गया।

वोटर लिस्ट में बड़ा बदलाव, हरियाणा में लाखों नाम हटने से मचा सियासी हलचल

24 लाख से ज्यादा वोटर्स पते पर नहीं मिले

निर्वाचन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 24 जुलाई 2026 तक हरियाणा में कुल 2,06,55,929 मतदाता पंजीकृत थे। इनमें से 1,72,72,627 मतदाताओं ने अपना गणना फॉर्म जमा किया।

सत्यापन के दौरान करीब 24.13 लाख मतदाता अपने पंजीकृत पते पर नहीं मिले। इसके अलावा 7.66 लाख मतदाता मृत पाए गए, जबकि 2.04 लाख मतदाताओं के नाम एक से अधिक विधानसभा क्षेत्रों में दर्ज मिले।

30 अगस्त तक दर्ज करा सकते हैं दावे और आपत्तियां

ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद अब 30 अगस्त 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती हैं। इस दौरान पात्र नागरिक जरूरी दस्तावेजों के साथ नाम जोड़ने, सुधार कराने या गलत प्रविष्टियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

इन मामलों की जांच के लिए 90 निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) और 1,601 सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (AERO) नियुक्त किए गए हैं।

गुरुग्राम और फरीदाबाद में सबसे ज्यादा कटौती

SIR के दौरान सबसे ज्यादा असर गुरुग्राम जिले में देखने को मिला। यहां पहले 15,55,034 मतदाता थे, जो घटकर 11,01,955 रह गए। यानी करीब 4.53 लाख नाम सूची से हटाए गए।

बादशाहपुर विधानसभा क्षेत्र में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज हुई। यहां मतदाताओं की संख्या 5,41,895 से घटकर 3,66,017 रह गई। वहीं गुरुग्राम विधानसभा क्षेत्र में संख्या 4,50,200 से घटकर 2,71,210 हो गई।

फरीदाबाद जिले में भी करीब 5.1 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। यहां SIR से पहले लगभग 18.8 लाख मतदाता थे, जो अब घटकर करीब 13.7 लाख रह गए हैं।

अंतिम सूची से पहले होगी पूरी जांच

निर्वाचन विभाग का कहना है कि दावे और आपत्तियों की जांच के बाद ही अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। ऐसे में जिन लोगों के नाम हटे हैं, उनके पास अपनी पात्रता साबित करने का मौका मौजूद है।

हरियाणा की SIR प्रक्रिया ने मतदाता सूची की शुद्धता और सत्यापन को लेकर नई बहस शुरू कर दी है। अब सबकी नजर अंतिम मतदाता सूची पर टिकी है।

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