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सुखबीर बादल पर नांदेड हमले की NIA जांच की मांग, हरसिमरत कौर ने अमित शाह को चिट्ठी लिखकर जताई साजिश आशंका

नांदेड में शिरोमणि अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले के बाद सियासत तेज हो गई है। अब उनकी पत्नी और SAD सांसद हरसिमरत कौर ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर NIA जांच की मांग की है। उन्होंने दो हमलों के बीच संभावित कड़ी और बड़ी साजिश की आशंका जताई।

अमित शाह को लिखी चिट्ठी

शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र भेजकर नांदेड में सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA से कराने की मांग की है।

हरसिमरत कौर ने कहा कि 2024 में भी सुखबीर बादल पर जानलेवा हमला हुआ था। दो अलग-अलग मौकों पर हमले की कोशिश को उन्होंने गंभीर चिंता का विषय बताया और दोनों घटनाओं की व्यापक जांच की जरूरत जताई।

दो हमलों के बीच कड़ी का दावा

हरसिमरत कौर ने अपने पत्र में दोनों घटनाओं के बीच कुछ समानताओं की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि दोनों हमले धार्मिक स्थलों पर उस समय हुए, जब सुखबीर बादल धार्मिक सेवा में शामिल थे।

उन्होंने पंजाब पुलिस और राज्य सरकार से भी कई सवालों के जवाब मांगे हैं। उनके मुताबिक, दोनों घटनाओं के बीच दिखाई देने वाले पैटर्न की गहराई से जांच होनी चाहिए।

सुखबीर बादल पर नांदेड हमले की NIA जांच की मांग, हरसिमरत कौर ने अमित शाह को चिट्ठी लिखकर जताई साजिश आशंका

हालांकि, किसी साजिश या दोनों घटनाओं के बीच सीधे संबंध की पुष्टि अभी जांच के जरिए होना बाकी है।

अंतर-राज्यीय या अंतरराष्ट्रीय साजिश की आशंका

SAD सांसद ने आशंका जताई कि नांदेड हमला किसी बड़ी अंतर-राज्यीय या अंतरराष्ट्रीय साजिश का हिस्सा हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस पहलू की भी जांच की जानी चाहिए।

हरसिमरत कौर ने यह भी दावा किया कि बार-बार होने वाली ऐसी घटनाओं से पंजाब की छवि और सिख समुदाय की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हो सकती है। उन्होंने इसी वजह से केंद्रीय एजेंसी से विस्तृत जांच की मांग को जरूरी बताया।

‘हमलावर को सिख नहीं कह सकते’

हरसिमरत कौर ने इससे पहले भी सुखबीर बादल पर हुए हमले को लेकर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने इसे कथित तौर पर सुनियोजित राजनीतिक साजिश बताया और कहा कि इसके पीछे जो भी लोग हैं, उन्हें सिख नहीं कहा जा सकता।

उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब हमले के बाद धार्मिक स्थल की सुरक्षा और राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।

कृपाण से हुआ था हमला

नांदेड के बाहरी इलाके में स्थित एक गुरुद्वारे में गुरुवार को सुखबीर सिंह बादल पर हमला हुआ था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, निहंग समुदाय से जुड़े एक व्यक्ति ने कथित तौर पर कृपाण से उन पर हमला किया।

हमले में सुखबीर बादल के दाहिने हाथ में चोट आई थी। घटना के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था। पुलिस मामले की जांच कर रही है और हमले के पीछे की वजह तथा आरोपी की मंशा को समझने की कोशिश जारी है।

2024 में भी हुआ था हमला

हरसिमरत कौर ने अपने पत्र में 2024 की घटना का भी जिक्र किया है। दिसंबर 2024 में अमृतसर के स्वर्ण मंदिर परिसर में धार्मिक सेवा के दौरान सुखबीर बादल पर गोली चलाने की कोशिश की गई थी। उस समय सुरक्षाकर्मियों ने हमलावर को काबू कर लिया था।

अब नांदेड की घटना के बाद हरसिमरत कौर दोनों मामलों की एक साथ जांच चाहती हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या दोनों घटनाओं के बीच कोई संबंध है।

परिवार पर गुजरे मुश्किल वक्त का जिक्र

पंजाब के खन्ना में एक कार्यक्रम के दौरान हरसिमरत कौर ने हमले का जिक्र करते हुए भावुक प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा कि पिछले 48 घंटे उनके और उनके परिवार के लिए बेहद मुश्किल रहे।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में सुखबीर बादल को मौजूद रहना था, लेकिन हमले के कारण वह वहां नहीं पहुंच सके।

अब NIA जांच पर नजर

हरसिमरत कौर की मांग के बाद अब निगाह केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों के अगले कदम पर है। NIA जांच सौंपने का फैसला केंद्र सरकार के स्तर पर संबंधित कानूनी और तथ्यात्मक पहलुओं को देखते हुए लिया जाएगा।

फिलहाल सबसे अहम सवाल हमले के पीछे की वास्तविक वजह और आरोपी की मंशा का है। यदि दोनों घटनाओं के बीच किसी संगठित साजिश का कोई ठोस सुराग मिलता है, तो व्यापक जांच जरूरी होगी। लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आना चाहिए।

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