
बीजेपी सांसद मनोज तिवारी सोमवार, 17 अगस्त को भोजपुर के बिलौटी गांव पहुंचे। उन्होंने भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात की और उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी।
इसके बाद उन्होंने भरत के पिता, मां, भाई और परिवार के अन्य सदस्यों से बातचीत की। मुलाकात के दौरान परिवार ने घटना से जुड़ी अपनी पीड़ा और न्याय की मांग सांसद के सामने रखी।
बहन ने राखी बांधकर रखी भावुक मांग
मुलाकात के दौरान भरत तिवारी की बहन रूबी देवी ने मनोज तिवारी को राखी बांधी। उन्होंने कहा कि जिस दिन उनके भाई को न्याय मिलेगा, उसी दिन उन्हें महसूस होगा कि उनका भाई उन्हें वापस मिल गया।
बहन का यह भावुक संदेश वहां मौजूद लोगों के लिए भी बेहद संवेदनशील क्षण बन गया। परिवार लंबे समय से मामले में न्याय की मांग कर रहा है।
परिवार की मांग मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का भरोसा
परिजनों से मुलाकात के बाद मनोज तिवारी ने कहा कि भरत तिवारी और उनके परिवार के साथ हुई घटना की भरपाई कोई नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि वह परिवार की बात सुनने और उनकी मांगों को समझने के लिए गांव पहुंचे हैं।
सांसद ने भरोसा दिया कि परिवार की उचित मांगों को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सामने रखा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि वह घटना के बाद से ही परिवार के संपर्क में हैं।

पहले भी परिवार से संपर्क में थे
मनोज तिवारी ने कहा कि भरत की मां से उनकी दिल्ली में भी मुलाकात हो चुकी है। उन्होंने उन दावों को गलत बताया कि मुख्यमंत्री से मुलाकात के समय ही उनका परिवार से पहला संपर्क हुआ था।
सांसद के मुताबिक उन्होंने पहले भी परिवार से बातचीत की थी, लेकिन इसे सार्वजनिक नहीं किया, क्योंकि केवल मीडिया में बयान देने से समस्या का समाधान नहीं होता। उनका कहना था कि ठोस कार्रवाई जरूरी है।
दर्ज मुकदमों में राहत की कोशिश
ग्रामीणों और परिवार ने विरोध-प्रदर्शन से जुड़े मुकदमों का मुद्दा भी उठाया। उनके मुताबिक करीब 14 लोगों के नाम से केस दर्ज हैं, जबकि लगभग 50 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
मनोज तिवारी ने कहा कि वह इस मामले की रिपोर्ट मुख्यमंत्री को देंगे और यदि किसी व्यक्ति पर केवल विरोध या प्रतिक्रिया के कारण कार्रवाई हुई है, तो ऐसे मामलों में राहत दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
एनकाउंटर पर भी बोले सांसद
भरत तिवारी एनकाउंटर से जुड़े सवाल पर मनोज तिवारी ने कहा कि कानून के अनुसार कार्रवाई चल रही है। उन्होंने बताया कि मामले में कुछ अधिकारियों को निलंबित किया गया, कुछ के खिलाफ एफआईआर हुई और एक पुलिसकर्मी की गिरफ्तारी भी हुई है।
फर्जी एनकाउंटर के सवाल पर उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने हथियार फेंक दिया हो और उसके बाद उसे गोली मारी जाए, तो यह अन्याय है। उन्होंने कहा कि इसी आधार पर न्याय की लड़ाई आगे बढ़ाई जा रही है।
बिलौटी में हुई यह मुलाकात सिर्फ एक राजनीतिक दौरा नहीं रही, बल्कि परिवार की पीड़ा और न्याय की मांग का भावुक मंच बन गई। अब निगाह इस बात पर है कि परिवार की मांगों और मुकदमों को लेकर सरकार की अगली कार्रवाई क्या होती है।
