
पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर BPSC अभ्यर्थियों का प्रदर्शन रविवार को और तेज हो गया। छात्रों की मांगों के समर्थन में पूर्णिया सांसद पप्पू यादव भी एक दिन की भूख हड़ताल पर बैठ गए। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की।
BPSC अभ्यर्थियों के बीच बैठे पप्पू यादव
बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार चर्चा में है। इसी बीच पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव रविवार, 16 अगस्त को पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर पहुंचे और अभ्यर्थियों के समर्थन में एक दिन की भूख हड़ताल शुरू कर दी।
पप्पू यादव ने कहा कि छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और सरकार को उनकी समस्याओं पर सकारात्मक कदम उठाना चाहिए।
70वीं BPSC से लेकर TRE-4 तक मुद्दे
धरने के दौरान पप्पू यादव ने 70वीं BPSC परीक्षा, BSSC की बहाली और TRE-4 के नोटिफिकेशन समेत कई मुद्दे उठाए। उन्होंने खासतौर पर 70वीं BPSC परीक्षा में कथित धांधली के आरोपों की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की।
उनका कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ किसी तरह का खिलवाड़ न हो।

छात्रों ने रखीं 13 सूत्रीय मांगें
रविवार को ऑल बिहार स्टूडेंट यूनियन (ABSU) की ओर से प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े 13 सूत्रीय मांगों को सामने रखा गया। इनमें 70वीं BPSC परीक्षा को रद्द करने की मांग भी शामिल बताई गई है।
गर्दनीबाग में इस समय दो अलग-अलग छात्र गुट प्रदर्शन कर रहे हैं। दोनों समूहों को पप्पू यादव ने अपना समर्थन दिया और छात्रों के बीच बैठकर एक दिन का उपवास शुरू किया।
‘सरकार जवाबदेही तय करे’
भूख हड़ताल के दौरान पप्पू यादव ने सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि 70वीं BPSC परीक्षा में किसी तरह की धांधली हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने परीक्षा और बहाली प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि छात्रों की जायज मांगों को टालने के बजाय सरकार को तत्काल समाधान की दिशा में कदम उठाना चाहिए।
मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन बढ़ाने की चेतावनी
पप्पू यादव ने यह भी चेतावनी दी कि यदि छात्रों की मांगों पर सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने जरूरत पड़ने पर बिहार बंद का आह्वान करने और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठने की बात कही।
उनके इस ऐलान से छात्र आंदोलन को राजनीतिक समर्थन मिलने के साथ-साथ सरकार पर दबाव बढ़ने की संभावना है।
छात्रों के भविष्य का सवाल
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए एक परीक्षा केवल एक परीक्षा नहीं होती। इसके पीछे वर्षों की मेहनत, आर्थिक खर्च और सरकारी नौकरी की उम्मीद जुड़ी होती है। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठने से अभ्यर्थियों के बीच असंतोष बढ़ना स्वाभाविक है।
छात्रों की मांग है कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता हो और किसी भी अनियमितता की स्थिति में जिम्मेदारी तय की जाए।
अब सरकार के रुख पर नजर
गर्दनीबाग में जारी प्रदर्शन के बीच अब नजर सरकार की प्रतिक्रिया पर है। एक तरफ छात्र अपनी मांगों को लेकर धरने पर हैं, वहीं पप्पू यादव ने भी उनके समर्थन में भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर यह आंदोलन अब केवल छात्रों की नाराजगी तक सीमित नहीं दिख रहा। आने वाले दिनों में सरकार बातचीत और समाधान की दिशा में क्या कदम उठाती है, यही तय करेगा कि गर्दनीबाग का यह आंदोलन शांत होता है या बिहार में एक बड़े छात्र आंदोलन का रूप लेता है।
