
‘वंदे मातरम्’ को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी के राज्यसभा सांसद तरुण चुघ ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि राष्ट्रगीत के अपमान के आरोपों को लेकर देश में आक्रोश है।
चुघ ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि गांधी परिवार को देश और संविधान से ऊपर नहीं समझना चाहिए।
सोनिया-राहुल पर तरुण चुघ का हमला
तरुण चुघ ने कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी के कथित कृत्य को माफ नहीं किया जा सकता। उन्होंने सोनिया गांधी की इटली की नागरिकता का संदर्भ देते हुए सवाल उठाया कि क्या वहां कोई राजनीतिक दल अपने राष्ट्रगान या राष्ट्रगीत का अपमान कर सकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि गांधी परिवार संवैधानिक संस्थाओं और संविधान के साथ-साथ राष्ट्रगीत का भी अपमान कर रहा है। चुघ ने कहा कि देश अब उन्हें बख्शेगा नहीं।
क्या है पूरा विवाद?
दरअसल, 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय में ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन हुआ।
इसी दौरान सामने आए एक वीडियो को लेकर विवाद शुरू हुआ। बीजेपी नेताओं का दावा है कि गायन के बीच सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर इशारा किया और बाद में राहुल गांधी भी कुछ संकेत करते नजर आए।

इसी वीडियो को आधार बनाकर बीजेपी लगातार कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठा रही है।
कांग्रेस ने दी अलग सफाई
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बीजेपी के आरोपों को खारिज करते हुए मामले की अलग व्याख्या दी। उनके मुताबिक मल्लिकार्जुन खड़गे काफी देर से खड़े थे और सोनिया गांधी उनके लिए कुर्सी लाने का इशारा कर रही थीं।
कांग्रेस का कहना है कि वीडियो के आधार पर लगाए जा रहे आरोपों को पूरे संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
अमित शाह भी कर चुके हैं हमला
इस विवाद पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साध चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम्’ के गायन को बीच में रोकना राष्ट्रगीत का अपमान है।
शाह ने कहा था कि जनता इस कथित कृत्य को माफ नहीं करेगी। इसके बाद बीजेपी के अन्य नेताओं ने भी कांग्रेस पर हमले तेज कर दिए हैं।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच बढ़ा विवाद
एक तरफ बीजेपी इसे राष्ट्रगीत और राष्ट्रीय सम्मान से जुड़ा मुद्दा बता रही है, तो दूसरी ओर कांग्रेस वीडियो की अलग व्याख्या पेश कर रही है। यही वजह है कि स्वतंत्रता दिवस का यह कार्यक्रम अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।
‘वंदे मातरम्’ विवाद फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा। बीजेपी के लगातार हमलों और कांग्रेस के स्पष्टीकरण के बीच अब राजनीतिक बहस इस बात पर केंद्रित है कि वीडियो में दिखे घटनाक्रम को किस संदर्भ में समझा जाए। आने वाले दिनों में यह मुद्दा सियासी मंचों पर और जोर पकड़ सकता है।
