मुरैना में चंबल की बीच धार में खराब हुआ स्टीमर, 100 से ज्यादा यात्री फंसे, तेज बहाव में बहने से मची दहशत

मुरैना में चंबल नदी पार कर रहा स्टीमर बीच धार में अचानक खराब हो गया और तेज बहाव के साथ बहने लगा। उसमें 100 से अधिक यात्री और 50 से ज्यादा दोपहिया वाहन सवार बताए जा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन मौके पर पहुंचा।
बीच धार में अचानक बंद हुआ स्टीमर
मुरैना जिले के नगरा साहसपुरा घाट से उत्तर प्रदेश के केला घाट की ओर जा रहा स्टीमर रविवार सुबह करीब 9:30 बजे चंबल नदी की बीच धार में अचानक खराब हो गया। स्टीमर में उस समय 100 से अधिक यात्री सवार बताए जा रहे हैं।
इंजन बंद होने के बाद स्टीमर को चलाने वाले लोगों ने उसे ठीक करने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद तेज पानी के बहाव के कारण स्टीमर धीरे-धीरे नदी की धारा में बहने लगा।
यात्रियों के साथ 50 से ज्यादा वाहन
बताया जा रहा है कि स्टीमर में यात्रियों के अलावा 50 से अधिक दोपहिया वाहन भी रखे हुए थे। हादसे की खबर सामने आते ही यात्रियों के परिजनों में चिंता बढ़ गई।
स्टीमर में मौजूद कुछ लोगों ने फोन के जरिए अपने परिवार वालों को बताया कि वे नदी की तेज धारा में बहते जा रहे हैं। इसके बाद नगरा साहसपुरा घाट पर मौजूद लोगों में भी दहशत फैल गई।

मुरैना की सीमा पार कर भिंड-UP की ओर बहा
चंबल नदी में पानी की गहराई और बहाव तेज होने के कारण खराब स्टीमर को नियंत्रित करना मुश्किल बताया जा रहा है। घाट पर मौजूद लोगों के अनुसार, उन्होंने स्टीमर को करीब दो किलोमीटर तक बहते हुए देखा।
कुछ देर बाद स्टीमर उनकी आंखों से ओझल हो गया। बताया जा रहा है कि वह मुरैना जिले की सीमा पार करते हुए भिंड और उत्तर प्रदेश की दिशा में बह गया।
ज्यादातर यात्री बताए जा रहे कांवड़िये
स्टीमर में सवार अधिकांश लोग कांवड़िये बताए जा रहे हैं, जो उत्तर प्रदेश के बटेश्वर की ओर जा रहे थे। सावन के दौरान चंबल नदी पार करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस मार्ग का इस्तेमाल करते हैं।
ऐसे में स्टीमर का बीच नदी में खराब होना गंभीर चिंता का विषय बन गया है। यात्रियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन के सामने तत्काल रेस्क्यू की चुनौती है।
डीजल खत्म होने की भी चर्चा
स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों ने दावा किया कि स्टीमर का इंजन डीजल खत्म होने के कारण बंद हुआ। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। खराबी का वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और बचाव अभियान की तैयारियां शुरू की गईं।
रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी निगाहें
फिलहाल सबसे बड़ी चिंता स्टीमर में मौजूद यात्रियों की सुरक्षित निकासी को लेकर है। चंबल के तेज बहाव के कारण बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण हो सकता है। प्रशासन की टीमें स्टीमर की लोकेशन और यात्रियों की स्थिति का पता लगाने में जुटी हैं।
यह घटना एक बार फिर नदी परिवहन में सुरक्षा इंतजामों की गंभीरता सामने लाती है। यात्रियों से भरे स्टीमर की तकनीकी जांच, पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और आपातकालीन व्यवस्था बेहद जरूरी है। अब प्राथमिकता सिर्फ एक है—चंबल की तेज धार में फंसे हर यात्री को सुरक्षित बाहर निकालना।
