आज का मौसम: मॉनसून की विदाई के बीच दक्षिण और पूर्वोत्तर में भारी बारिश, दिल्ली-UP में मौसम साफ

देश में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी का दौर शुरू हो चुका है, लेकिन बारिश का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। 30 सितंबर को दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है, जबकि उत्तर भारत के कई इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने का अनुमान है।
मॉनसून की विदाई शुरू, फिर भी बारिश का दौर जारी
भारत में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी सितंबर में शुरू हो चुकी है। IMD के अनुसार, मानसून की वापसी की प्रक्रिया मौसम की परिस्थितियों के आधार पर चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ती है। इसलिए मॉनसून की विदाई शुरू होने के बावजूद देश के कुछ हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
30 सितंबर को मौसम की सबसे सक्रिय स्थिति दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में रहने की संभावना है। IMD आधारित पूर्वानुमान में केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, कर्नाटक और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना बताई गई है।
दिल्ली में आज कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी दिल्ली में 30 सितंबर को मुख्य रूप से आसमान साफ रहने और बारिश की संभावना नहीं होने का अनुमान है। अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में भी दिल्ली में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है।
इससे पहले दिल्ली-NCR में सितंबर के अंतिम सप्ताह में बारिश का असर देखने को मिला था, लेकिन अब मानसून की वापसी के साथ बारिश की गतिविधियां कमजोर होने के संकेत हैं।

यूपी-बिहार में क्या रहेगा मौसम?
उत्तर प्रदेश को लेकर सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्टों में 30 सितंबर को कई जिलों में भारी बारिश और आंधी का दावा किया गया है। हालांकि, 29 सितंबर को जारी IMD के उप-विभागीय पूर्वानुमान में पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए 30 सितंबर को कोई व्यापक चेतावनी दर्ज नहीं थी। इसलिए जिलेवार स्थानीय पूर्वानुमान को प्राथमिकता देना जरूरी है।
बिहार में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना बनी रह सकती है, लेकिन राज्यभर में भारी बारिश की स्थिति का दावा सावधानी से किया जाना चाहिए। IMD-आधारित जिला पूर्वानुमानों में कई इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने का भी संकेत है।
दक्षिण भारत में भारी बारिश का अलर्ट
30 सितंबर को केरल और माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी-कराईकल तथा आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इन इलाकों में स्थानीय स्तर पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने जैसी स्थिति बन सकती है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान में असम, मेघालय और पूर्वोत्तर के कुछ अन्य राज्यों में भी भारी बारिश की संभावना बताई गई है। बारिश के साथ गरज और बिजली गिरने की घटनाओं को लेकर स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करना जरूरी है।
पहाड़ी राज्यों में मौसम का हाल
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है, लेकिन 30 सितंबर के लिए सभी इलाकों में भारी बारिश का एकसमान अलर्ट नहीं है। स्थानीय स्तर पर मौसम में तेजी से बदलाव संभव है, इसलिए पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को ताजा जिला-स्तरीय पूर्वानुमान देखकर ही यात्रा की योजना बनानी चाहिए।
उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है, जबकि अन्य क्षेत्रों में मौसम साफ रहने का अनुमान है।
राजस्थान और मध्य भारत में क्या स्थिति?
राजस्थान में 30 सितंबर को अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ और शुष्क रहने का अनुमान है। मानसून की वापसी के साथ राज्य में बारिश की गतिविधियों में कमी आई है।
मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में हल्की या छिटपुट बारिश हो सकती है, लेकिन पूरे क्षेत्र में भारी बारिश की स्थिति नहीं है। मौसम की गतिविधियां अब मुख्य रूप से दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों तक सीमित होती दिख रही हैं।
आज किन राज्यों में ज्यादा सावधानी जरूरी?
30 सितंबर को भारी बारिश के लिहाज से केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी-कराईकल, कर्नाटक, असम और मेघालय प्रमुख क्षेत्र हैं। दूसरी ओर दिल्ली और उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधि कमजोर रहने का अनुमान है।
मॉनसून की वापसी के इस दौर में मौसम तेजी से बदल सकता है। इसलिए लोगों को बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने, तेज बारिश में अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन तथा IMD के ताजा अलर्ट पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।
