
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की आहट के साथ गोरखपुर की राजनीति भी गरमाने लगी है। समाजवादी पार्टी संगठन को बूथ स्तर पर मजबूत करने का दावा कर रही है। जिलाध्यक्ष बृजेश कुमार गौतम ने कानून-व्यवस्था, विकास और छात्र राजनीति को चुनावी मुद्दा बनाने के संकेत दिए हैं।
बूथ मजबूत करने में जुटी सपा
2027 विधानसभा चुनाव को लेकर गोरखपुर में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। समाजवादी पार्टी जिलाध्यक्ष बृजेश कुमार गौतम के मुताबिक, पार्टी PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग को जोड़ने के साथ बूथ संगठन मजबूत कर रही है।
उन्होंने बताया कि जिले के 4,039 बूथों पर संगठन तैयार करने का काम चल रहा है। पार्टी ने हर बूथ पर 10 युवाओं को जोड़ने का रोडमैप भी तैयार किया है। उनका मानना है कि चुनावी मुकाबले में बूथ स्तर की तैयारी निर्णायक भूमिका निभाती है।
BJP के गढ़ में वापसी का दावा
गोरखपुर मंडल की सभी नौ विधानसभा सीटों पर बीजेपी के कब्जे को लेकर सवाल पूछे जाने पर गौतम ने PDA को अपनी रणनीति का प्रमुख आधार बताया। उन्होंने 2024 लोकसभा चुनाव के प्रदर्शन का हवाला देते हुए दावा किया कि दलित, शोषित और वंचित वर्गों का समर्थन सपा के साथ बढ़ा है।
उनके मुताबिक, पार्टी का लक्ष्य सभी जाति और धर्म के लोगों को संगठन से जोड़ना है। अब यही समर्थन 2027 में विधानसभा सीटों में बदलने की कोशिश होगी।
अपराध और कानून-व्यवस्था बनेगा बड़ा मुद्दा
सपा जिलाध्यक्ष ने गोरखपुर में कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने हत्या, लूट, डकैती और दुष्कर्म जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के शहर में अपराध चुनावी मुद्दा बनेगा।

उन्होंने जेल से कैदी के फरार होने की घटना का भी उल्लेख किया और सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए। ये आरोप राजनीतिक हैं और इन पर सरकार या बीजेपी का पक्ष अलग हो सकता है।
नाली, सड़क और जलभराव पर सवाल
विकास के मुद्दे पर गौतम ने कहा कि गोरखपुर में अपेक्षित स्तर पर काम नहीं हुआ। उन्होंने मोहल्लों में खराब नाली, सड़क और पानी की समस्या का जिक्र किया। उनका दावा है कि मामूली बारिश में जलभराव हो जाता है और कई सीवर व्यवस्था ठीक से काम नहीं करती।
उन्होंने अधूरी परियोजनाओं को भी चुनावी मुद्दा बनाने की बात कही। खासतौर पर बांसगांव क्षेत्र के लिए उन्होंने भविष्य में महिलाओं के लिए डिग्री कॉलेज और अस्पताल खोलने का वादा किया।
‘माफिया और मच्छर’ पर तीखा तंज
बीजेपी के उस दावे पर कि गोरखपुर से माफिया और मच्छर दोनों चले गए हैं, सपा नेता ने बेहद तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अगर मच्छरों का आतंक खत्म हो गया है तो बाजार में मच्छरदानी की बिक्री क्यों बढ़ रही है।
इसी अंदाज में उन्होंने माफिया को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उनका तंज था कि जो सरकार मच्छरों को नहीं भगा पा रही, वह माफिया को कैसे खत्म करेगी। हालांकि, ये उनके राजनीतिक आरोप हैं, जिन्हें स्वतंत्र रूप से तथ्य के तौर पर नहीं माना जा सकता।
छात्र राजनीति भी बनेगी चुनावी मुद्दा
गौतम ने गोरखपुर विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव लंबे समय से नहीं होने का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि छात्र राजनीति युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने का माध्यम रही है और इसे फिर शुरू करने पर चर्चा होनी चाहिए।
उन्होंने संकेत दिया कि 2027 में सपा अपराध और विकास के साथ युवाओं और शिक्षा से जुड़े सवालों को भी प्रमुखता देगी।
निष्कर्ष: गोरखपुर में मुकाबले की जमीन तैयार
सपा जिलाध्यक्ष के बयानों से साफ है कि पार्टी 2027 के लिए संगठन, PDA और स्थानीय मुद्दों पर अपनी रणनीति तैयार कर रही है। दूसरी तरफ बीजेपी के लिए चुनौती अपने मजबूत गढ़ को कायम रखने की होगी। गोरखपुर में असली मुकाबला दावों से आगे बढ़कर अपराध, विकास, रोजगार और स्थानीय समस्याओं पर जनता के भरोसे का होगा।