
बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर लंबे समय से चल रही छात्रों की नाराजगी के बीच सरकार ने कई अहम मांगों पर फैसला लिया है। TRE-4 परीक्षा एकल चरण में कराने पर सहमति बनी है, जबकि परीक्षा सुधार, भर्ती कैलेंडर, पेपर लीक और पारदर्शिता को लेकर भी कई निर्णय हुए हैं।
TRE-4 को लेकर सरकार ने मानी बड़ी मांग
बिहार में भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों और सरकार के बीच चल रहे विवाद के बीच बड़ी राहत सामने आई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि TRE-4 परीक्षा अब एकल चरण में आयोजित की जाएगी। साथ ही ‘एक अभ्यर्थी, एक परिणाम’ के मुद्दे पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई होगी।
इस फैसले के बाद छात्रों की प्रमुख मांगों में से एक पूरी हो गई है। बैठक में छात्र प्रतिनिधियों ने अपनी सभी मांगें लिखित रूप में रखीं, जिन पर बिंदुवार चर्चा की गई।
परीक्षा सुधार के लिए बनेगी विशेषज्ञ समिति
सरकार ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सुधार के लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित करने का निर्णय लिया है। यह समिति पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीश की अध्यक्षता में बनाई जाएगी।

छात्र अपनी शिकायतें और सुझाव संबंधित साक्ष्यों के साथ समिति के सामने रख सकेंगे। समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 1799 दरोगा भर्ती परीक्षा की आगे की प्रक्रिया भी समिति की रिपोर्ट के बाद तय होगी।
भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर होगा अहम
बैठक में बिहार कर्मचारी चयन आयोग की भर्ती परीक्षाओं को समय पर कराने और परीक्षा कैलेंडर जारी करने की मांग पर सहमति बनी। सरकार ने कैलेंडर जारी करने और उसके सख्ती से पालन की दिशा में कार्रवाई का निर्णय लिया है।
इसके अलावा पुस्तकालयाध्यक्ष भर्ती के लिए रिक्तियों के अनुरूप प्रक्रिया जल्द शुरू करने पर भी सहमति बनी। अधिकतम उम्र सीमा और संविदा कर्मचारियों को मिलने वाले अंक या वेटेज जैसे मुद्दों पर भी उच्चस्तरीय समिति विचार करेगी।
डोमिसाइल नीति पर भी होगी कार्रवाई
बिहार की भर्ती प्रक्रियाओं में अधिकतम डोमिसाइल नीति लागू करने की मांग को लेकर भी निर्णय लिया गया। सरकार न्यायविद से प्राप्त परामर्श के आधार पर नियमानुकूल आगे की प्रक्रिया करेगी।
वहीं, भर्ती परीक्षाओं में प्रश्नपत्र, OMR शीट और उत्तर पुस्तिका से जुड़ी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के प्रस्ताव को भी विशेषज्ञ समिति के सामने रखने पर सहमति बनी।
पेपर लीक की जांच जारी
BPSC की AEDO, सेनेटरी समेत कुछ परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोप भी बैठक में चर्चा का हिस्सा रहे। इन मामलों में आर्थिक अपराध इकाई यानी EOU द्वारा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
सरकार और छात्र प्रतिनिधियों ने सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता जताई।
आंदोलन हुआ समाप्त
बैठक में 24 अगस्त 2026 के विभागीय पत्रांक-162/गो को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने का भी निर्णय लिया गया। सभी मुद्दों पर सहमति बनने के बाद छात्र प्रतिनिधिमंडल ने सर्वसम्मति से आंदोलन समाप्त करने का फैसला किया।
