
झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार 17वें दिन जारी है। विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस कार्रवाई के बाद अब मामला राजनीतिक रंग ले चुका है। आम आदमी पार्टी ने छात्रों के समर्थन में सरकार से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की मांग की है।
केजरीवाल ने छात्रों का किया समर्थन
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए झारखंड के आंदोलनकारी छात्रों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों पर सरकार को तुरंत ध्यान देना चाहिए और उनके खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा स्वीकार्य नहीं है।
आप की ओर से कहा गया कि पार्टी देश के किसी भी हिस्से में पेपर लीक या परीक्षा संबंधी अनियमितताओं का समर्थन नहीं करती।
‘छात्रों का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए’
आप के राज्यसभा सांसद ने कहा कि झारखंड सरकार को छात्रों के खिलाफ दमनात्मक कार्रवाई से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की मांगों को सुनना चाहिए और बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि AAP छात्रों और युवाओं के साथ खड़ी है, चाहे आंदोलन झारखंड में हो, दिल्ली के जंतर-मंतर पर हो या गुजरात, उत्तर प्रदेश और देश के किसी अन्य हिस्से में।

17वें दिन भी जारी है आंदोलन
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों का आंदोलन मंगलवार को 17वें दिन भी जारी रहा। सोमवार को छात्रों ने विधानसभा का घेराव करने की कोशिश की थी। इस दौरान पुलिस ने बल प्रयोग किया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में पुलिस की ओर से लाठीचार्ज, आंसू गैस और वॉटर कैनन के इस्तेमाल के दृश्य दिखाई दिए हैं।
ABVP के 110 कार्यकर्ता हिरासत में
छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने भी विधानसभा की ओर मार्च किया। पुलिस के मुताबिक, मार्च कर रहे करीब 110 एबीवीपी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।
इस कार्रवाई के बाद छात्र आंदोलन का मुद्दा और ज्यादा राजनीतिक हो गया है।
विधानसभा में बीजेपी का हंगामा
छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर झारखंड विधानसभा में बीजेपी विधायकों ने जोरदार हंगामा किया। विपक्षी विधायक आसन के पास पहुंच गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने कई बार विधायकों से अपनी सीटों पर लौटने की अपील की, लेकिन हंगामा जारी रहा।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और वॉटर कैनन के इस्तेमाल को लेकर जवाब मांगा।
बातचीत से समाधान की बढ़ी मांग
अब झारखंड सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती आंदोलनकारी छात्रों के साथ भरोसे का माहौल बनाने की है। विपक्षी दल लगातार पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि छात्र अपनी मांगों पर अड़े हैं। ऐसे में अगर सरकार और छात्रों के बीच सीधी बातचीत होती है, तो लंबे समय से चल रहे इस आंदोलन को खत्म करने का रास्ता निकल सकता है।
