हामिद अंसारी के बयान पर BJP का पलटवार, दिनेश प्रताप सिंह ने कांग्रेस से मांगा जवाब

पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने 18 सितंबर को ए.जी. नूरानी मेमोरियल लेक्चर में जवाहरलाल नेहरू के एक कथित पुराने कथन का हवाला देते हुए हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता को भारत के लिए खतरा बताया था। इस बयान पर BJP नेता दिनेश प्रताप सिंह ने सवाल उठाते हुए कांग्रेस से अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।
हामिद अंसारी ने क्या कहा था?
नई दिल्ली में आयोजित तीसरे ए.जी. नूरानी मेमोरियल लेक्चर में हामिद अंसारी ने दिवंगत संविधान विशेषज्ञ और लेखक ए.जी. नूरानी की किताब The RSS: A Menace to India का उल्लेख किया। उन्होंने किताब में दर्ज जवाहरलाल नेहरू के एक कथित कथन का हवाला दिया।
अंसारी के अनुसार, नेहरू ने एक बैठक में कहा था कि भारत के लिए खतरा कम्युनिज्म नहीं, बल्कि हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता है। अंसारी ने अपने भाषण में नागरिक राष्ट्रवाद और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद से जुड़े मुद्दों पर भी चिंता जाहिर की।
नागरिक राष्ट्रवाद को लेकर जताई चिंता
अंसारी ने अपने संबोधन में कहा कि हाल के वर्षों में ऐसे रुझान दिखाई दिए हैं जो नागरिक राष्ट्रवाद की स्थापित अवधारणा को चुनौती देते हैं और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को बढ़ावा देते हैं। उनके मुताबिक, इससे धार्मिक पहचान के आधार पर नागरिकों के बीच अंतर पैदा होने और असुरक्षा का माहौल बनने की आशंका हो सकती है।
यह बयान सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में इस पर प्रतिक्रिया शुरू हुई और BJP नेताओं ने अंसारी के रुख पर सवाल उठाए।

दिनेश प्रताप सिंह ने साधा निशाना
लखनऊ में BJP नेता और उत्तर प्रदेश के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने अंसारी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश को हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता से नहीं, बल्कि इस तरह के बयानों से खतरा है। उन्होंने अंसारी के पुराने बयानों का भी संदर्भ देते हुए उनकी टिप्पणी पर सवाल उठाए।
दिनेश प्रताप सिंह ने यह भी कहा कि अंसारी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह भारत में किस तरह का खतरा देख रहे हैं। हालांकि, उनके इन बयानों की स्वतंत्र पुष्टि या उनकी पूरी विस्तृत टिप्पणी उपलब्ध स्रोतों में स्पष्ट रूप से नहीं मिलती।
कांग्रेस से मांगा स्पष्टीकरण
BJP नेता ने कांग्रेस से भी हामिद अंसारी के बयान पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने अंसारी पर राजनीतिक तंज कसते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि वह राहुल गांधी से ‘कोचिंग’ ले रहे हैं।
यह टिप्पणी दिनेश प्रताप सिंह और कांग्रेस के बीच पहले से जारी राजनीतिक बयानबाजी की पृष्ठभूमि में भी देखी जा रही है। हाल के दिनों में सिंह राहुल गांधी की कार्यशैली और विभिन्न मुद्दों पर उनके बयानों को लेकर भी सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया दे चुके हैं।
बयान को लेकर राजनीतिक बहस तेज
हामिद अंसारी का बयान मूल रूप से ए.जी. नूरानी की विरासत, संविधान, नागरिक स्वतंत्रता, अल्पसंख्यक अधिकारों और राष्ट्रवाद से जुड़े विषयों पर उनके संबोधन का हिस्सा था। उनके द्वारा नेहरू के पुराने कथन का उल्लेख किए जाने के बाद इसकी राजनीतिक व्याख्याएं सामने आई हैं।
BJP की ओर से इसे लेकर सवाल उठाए गए हैं, जबकि अंसारी के संबोधन में नागरिक राष्ट्रवाद और धार्मिक पहचान के आधार पर भेदभाव की आशंका पर जोर दिया गया था। ऐसे में विवाद का केंद्र अब उनके बयान की राजनीतिक व्याख्या और उस पर पार्टियों की प्रतिक्रिया बन गया है।
हामिद अंसारी के 18 सितंबर के संबोधन में नेहरू के कथित पुराने कथन और हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता को लेकर व्यक्त विचारों ने राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। BJP नेता दिनेश प्रताप सिंह ने इसका विरोध करते हुए कांग्रेस से स्पष्टीकरण मांगा है। वहीं, अंसारी के मूल भाषण में नागरिक राष्ट्रवाद, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और धार्मिक पहचान से जुड़े सवाल प्रमुख रहे।
