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मायावती का फिर बदला फैसला? दीपिका के बाद ईशान आनंद को लेकर नया संकेत, 23 सितंबर को BSP की अहम बैठक

बहुजन समाज पार्टी में मायावती के परिवार को लेकर फैसलों का सिलसिला लगातार बदल रहा है। पहले आकाश आनंद को संगठन से बाहर किया गया, फिर ईशान आनंद और दीपिका आनंद को लेकर अलग-अलग संकेत सामने आए। अब ताजा रिपोर्टों में दीपिका की जगह ईशान को जिम्मेदारी देने की बात कही जा रही है।

आकाश आनंद की वापसी पर मायावती का रुख

मायावती ने सितंबर में आकाश आनंद को पार्टी की जिम्मेदारियों से हटाने के बाद उनके भविष्य को लेकर कई बार स्थिति स्पष्ट की। 10 सितंबर को उन्हें पार्टी से बाहर किए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद मायावती ने कहा कि आकाश को दोबारा राजनीतिक जिम्मेदारी देने का फैसला नहीं किया गया है।

आकाश के ससुर और पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ को लेकर भी मायावती ने सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताई थी। पहले आकाश की वापसी को लेकर अशोक सिद्धार्थ के सक्रिय राजनीति से दूर होने की शर्त का उल्लेख किया गया था, लेकिन बाद में मायावती ने आकाश को लेकर अपना रुख और स्पष्ट कर दिया।

मायावती का फिर बदला फैसला? दीपिका के बाद ईशान आनंद को लेकर नया संकेत, 23 सितंबर को BSP की अहम बैठक

ईशान आनंद को लेकर बदले फैसले

आकाश के बाद उनके छोटे भाई ईशान आनंद का नाम संगठन में सामने आया था। 3 सितंबर के बाद उन्हें सभी राज्य इकाइयों के लिए चीफ सेंट्रल कोऑर्डिनेटर जैसी जिम्मेदारी दिए जाने की जानकारी सामने आई थी।

हालांकि, 12 सितंबर को मायावती ने ईशान को भी पार्टी की जिम्मेदारियों से हटाने की घोषणा कर दी थी। उस समय उन्होंने साफ कहा था कि उनके भाई आनंद कुमार के दोनों बेटों को पार्टी में कोई राजनीतिक पद नहीं दिया जाएगा।

दीपिका आनंद का नाम कैसे आया?

12 सितंबर को मायावती ने कहा था कि यदि उनके भाई आनंद कुमार को संगठनात्मक काम में किसी पारिवारिक सदस्य की सहायता की जरूरत हो तो उनकी बेटी दीपिका आनंद मदद कर सकती हैं। उन्होंने दीपिका की ईमानदारी, निष्ठा और कार्यक्षमता के आधार पर जिम्मेदारी देने की संभावना जताई थी।

इस बयान के बाद BSP में दीपिका की भूमिका को लेकर चर्चा शुरू हुई थी। हालांकि, अब 20 सितंबर की रिपोर्टों में मायावती के रुख में एक और बदलाव की बात सामने आई है।

अब ईशान को फिर मौका देने की चर्चा

ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, मायावती ने दीपिका को भी पार्टी की जिम्मेदारी से दूर रखने और ईशान आनंद को संगठन में आगे बढ़ाने का संकेत दिया है। साथ ही ईशान को यह चेतावनी दिए जाने की बात कही गई है कि यदि वह पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल पाए गए तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि ईशान को औपचारिक रूप से कौन-सा पद दिया जाएगा, इसकी अंतिम स्थिति 23 सितंबर की पार्टी बैठक के बाद स्पष्ट हो सकती है।

परिवार से ऊपर संगठन का संदेश

मायावती ने हालिया बयानों में कहा है कि BSP को पारिवारिक हितों के आधार पर नहीं चलाया जाएगा। उन्होंने कांशीराम की परंपरा का उल्लेख करते हुए परिवार के सदस्यों को राजनीतिक पद देने से दूरी बनाए रखने की बात कही है।

उन्होंने यह भी कहा है कि बहुजन समाज ही उनका असली परिवार है और पार्टी में किसी को भी अनुशासनहीनता या पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए छूट नहीं मिलेगी।

23 सितंबर को BSP की अहम बैठक

मायावती ने 23 सितंबर को लखनऊ में BSP की ऑल इंडिया बैठक बुलाई है। यह करीब एक महीने के भीतर पार्टी की दूसरी राष्ट्रीय स्तर की बैठक होगी। बैठक से पहले संगठन और परिवार से जुड़े कई महत्वपूर्ण बदलाव सामने आए हैं।

इस बैठक में संगठनात्मक ढांचे, युवा भागीदारी और आने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। मायावती पहले ही BSP संगठन में Gen-Z की भागीदारी बढ़ाने और युवा चेहरों को आगे लाने की बात कह चुकी हैं।

BSP में आकाश आनंद, ईशान आनंद और दीपिका आनंद की भूमिका को लेकर पिछले कुछ दिनों में लगातार बदलाव सामने आए हैं। 12 सितंबर को मायावती ने दोनों भतीजों को राजनीतिक पद नहीं देने और दीपिका को जरूरत पड़ने पर संगठनात्मक मदद की संभावना जताई थी। अब ताजा रिपोर्टों में ईशान को फिर मौका देने की बात कही जा रही है। 23 सितंबर की ऑल इंडिया बैठक के बाद पार्टी की औपचारिक स्थिति ज्यादा स्पष्ट हो सकती है।

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