
सावन की आस्था के बीच दिल्ली में कांवड़ियों के स्वागत का सिलसिला जारी है। शनिवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता दिलशाद गार्डन के पास दिल्ली-उत्तर प्रदेश सीमा स्थित कांवड़ सेवा शिविर पहुंचीं। उन्होंने शिवभक्तों पर पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया और यात्रा की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा कर किया स्वागत
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शिवभक्तों से बातचीत कर उनकी यात्रा और रास्ते में मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने सभी कांवड़ियों की सुरक्षित और सफल यात्रा की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि दिल्ली से गुजरने वाले किसी भी शिवभक्त को परेशानी न हो।
शिविरों में व्यवस्थाओं का लिया जायजा
मुख्यमंत्री ने विभिन्न कांवड़ सेवा शिविरों का निरीक्षण किया। उन्होंने भोजन, पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं और विश्राम की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। इस दौरान शिविर संचालकों और कार्यकर्ताओं से भी संवाद किया।
उन्होंने सेवा में जुटे लोगों की सराहना करते हुए कहा कि कांवड़ियों की सेवा आस्था और सामाजिक सहभागिता का सुंदर उदाहरण है।
महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का किया जिक्र
रेखा गुप्ता ने कहा कि सावन में हजारों श्रद्धालु हरिद्वार से गंगाजल लेकर पैदल अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। उन्होंने कहा कि हर कांवड़िया श्रद्धा और सम्मान का पात्र है।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से कांवड़ यात्रा में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का भी जिक्र किया और उनके लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
बिजली से लेकर स्वास्थ्य तक विशेष इंतजाम
दिल्ली सरकार के अनुसार कांवड़ शिविरों में नियमित सफाई, पेयजल, मोबाइल शौचालय, स्वास्थ्य सेवाएं और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। ट्रैफिक को सुचारु रखने के लिए भी विशेष प्रबंध किए गए हैं।
शिविरों के संचालन में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय के लिए सिंगल विंडो व्यवस्था की गई है। बड़े शिविरों को आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।
बड़े शिविरों को 15 लाख तक सहायता
सरकार के मुताबिक 20 हजार वर्गफुट से अधिक क्षेत्र में 6 से 12 दिन तक चलने वाले बड़े कांवड़ शिविरों को अधिकतम 15 लाख रुपये तक की सहायता दी जा रही है। अन्य श्रेणी के शिविरों के अनुदान में भी बढ़ोतरी की गई है।
आस्था के साथ व्यवस्था पर भी जोर
कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ प्रशासन के सामने सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती भी रहती है। ऐसे में दिल्ली सरकार का जोर धार्मिक आयोजन के साथ बुनियादी सुविधाओं को मजबूत रखने पर है। मुख्यमंत्री ने शिवभक्तों और दिल्लीवासियों को सावन की शुभकामनाएं देते हुए भगवान भोलेनाथ से सभी की मंगलमय यात्रा की कामना की।