
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चंडीगढ़ में आयोजित एक भव्य खेल सम्मान समारोह के दौरान बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी के तहत 1 नवंबर को भारत और पाकिस्तान के बीच बहुप्रतीक्षित मुकाबला खेला जाएगा। यह मैच पंजाब में आयोजित किया जाएगा, जिससे राज्य के खेल प्रेमियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। इस घोषणा के साथ ही कार्यक्रम का माहौल और अधिक रोमांचक हो गया और खिलाड़ियों ने भी इसे ऐतिहासिक पल बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब हमेशा से खेल प्रतिभाओं की धरती रहा है और राज्य सरकार इसे खेल हब बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है।
खिलाड़ियों के सम्मान में 45 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित
इस अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खिलाड़ियों के सम्मान में 45 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की और कई अहम घोषणाएं कीं। कार्यक्रम में 1070 खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने पर कुल 27 करोड़ 70 लाख रुपये की इनामी राशि दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य खिलाड़ियों को केवल सम्मान देना नहीं बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना भी है। इस दौरान भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर, हरलीन देओल और अमनजोत कौर जैसी स्टार खिलाड़ियों को डेढ़-डेढ़ करोड़ रुपये देकर सम्मानित किया गया, जिससे माहौल गर्व और उत्साह से भर गया।

महाराजा रणजीत सिंह अवार्ड से सम्मानित हुए 87 खिलाड़ी
कार्यक्रम में पंजाब के 87 नामी खिलाड़ियों को महाराजा रणजीत सिंह अवार्ड से सम्मानित किया गया। प्रत्येक खिलाड़ी को पांच लाख रुपये की राशि, ब्लेजर, स्क्रॉल और विशेष सम्मान चिन्ह प्रदान किया गया। इन सम्मानित खिलाड़ियों में भारतीय हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह सहित कई प्रतिष्ठित खिलाड़ी शामिल रहे। इस पुरस्कार वितरण पर कुल 4 करोड़ 35 लाख रुपये खर्च किए गए। खिलाड़ियों ने इस सम्मान को अपने करियर की बड़ी उपलब्धि बताया और सरकार के इस कदम की सराहना की। इस पहल ने राज्य में खेल संस्कृति को और मजबूत करने का संदेश दिया है।
खेल ढांचे को मजबूत करने पर जोर, युवा भवन परियोजना की शुरुआत
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर खिलाड़ियों के लिए खेल उपकरण खरीदने हेतु 15 करोड़ रुपये सीधे उनके खातों में ट्रांसफर करने की भी घोषणा की। इसके साथ ही चंडीगढ़ के सेक्टर 42 में युवा भवन के निर्माण की नींव भी रखी गई, जिस पर 43 करोड़ 66 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। भगवंत मान ने कहा कि पंजाब सरकार का लक्ष्य न केवल खिलाड़ियों को सम्मान देना है बल्कि एक मजबूत खेल ढांचा तैयार करना भी है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में पंजाब के युवा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करेंगे और राज्य को खेलों का बड़ा केंद्र बनाएंगे।
