मलमास मेला देखकर लौट रहे श्रद्धालुओं पर टूटा मौत का कहर

बिहार के नालंदा जिले में रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। छबीलापुर थाना क्षेत्र के साइडपर स्थित केके मेडिकल कॉलेज के पास श्रद्धालुओं से भरे एक टेंपो और तेज रफ्तार ट्रक के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि टेंपो के परखच्चे उड़ गए और मौके पर चीख-पुकार मच गई। जानकारी के अनुसार टेंपो में सवार सभी लोग राजगीर में मलमास मेले के दौरान कुंड में स्नान और पूजा-अर्चना कर अपने गांव लौट रहे थे। यात्रा के दौरान किसी को अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही क्षणों में यह सफर दर्दनाक हादसे में बदल जाएगा। स्थानीय लोगों के अनुसार टक्कर इतनी जोरदार थी कि आसपास के लोग धमाके जैसी आवाज सुनकर घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और सड़क पर लंबा जाम लग गया।
महिला, पुरुष और मासूम बच्ची की गई जान
इस भीषण सड़क दुर्घटना में एक महिला, एक युवक और एक मासूम बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान नालंदा जिले के खुदागंज थाना क्षेत्र के कोचरा गांव निवासी गुड्डू कुमार (25), गया जिले के चाकंद थाना क्षेत्र के गन्नू बीघा गांव की रानी देवी (60) और छह वर्षीय शिवानी कुमारी के रूप में हुई है। हादसे के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर के बाद टेंपो का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था, जिससे कई यात्री उसके अंदर फंस गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और घायलों को बाहर निकालने का प्रयास किया। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांवों में शोक का माहौल है और लोग इस दुखद घटना से स्तब्ध हैं। श्रद्धा और भक्ति के साथ शुरू हुई यात्रा का अंत इस तरह होगा, इसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।

कई श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल, अस्पताल में इलाज जारी
हादसे में कई अन्य श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों में पूजा कुमारी, अंकुश कुमार, राज किशोर रविदास, गौरी कुमारी, चंद्रमुखी कुमारी, चांदो कुमारी और झयमुन्नी देवी सहित कई लोग शामिल हैं। दुर्घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों ने मानवता का परिचय देते हुए घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिनका इलाज चिकित्सकों की निगरानी में चल रहा है। डॉक्टर लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। हादसे के बाद अस्पतालों में भी अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। परिजन अपने प्रियजनों की कुशलता जानने के लिए अस्पतालों की ओर दौड़ पड़े। प्रशासन ने घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं चिकित्सकों की टीम लगातार इलाज में जुटी हुई है ताकि किसी और की जान न जाए।
पुलिस जांच में जुटी, हादसे के कारणों की पड़ताल जारी
घटना की सूचना मिलते ही राजगीर डीएसपी संजीत कुमार गुप्ता और छबीलापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से राहत और बचाव कार्य चलाया तथा घायलों को अस्पताल पहुंचाया। डीएसपी ने तीन लोगों की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला और कुछ समय के लिए सड़क जाम की स्थिति बन गई। हालांकि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया और यातायात बहाल कराया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दुर्घटना की असली वजह क्या थी। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे का कारण माना जा रहा है। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन की जरूरत को उजागर कर दिया है।