
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया विवाद सामने आया है जिसने तृणमूल कांग्रेस के अंदरूनी हालात को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तीदार के बेटे बैद्यनाथ घोष दस्तीदार ने पार्टी नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने फेसबुक पर एक वीडियो संदेश जारी किया था जिसमें उन्होंने दावा किया था कि उनकी पार्टी का एक सांसद भारतीय जनता पार्टी के संपर्क में है और तृणमूल कांग्रेस की संसदीय इकाई को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि मुख्यमंत्री ने किसी का नाम नहीं लिया था लेकिन बैद्यनाथ का आरोप है कि उस बयान का इशारा उनकी मां की तरफ था। इस दावे ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा को जन्म दे दिया है और टीएमसी के भीतर बढ़ते मतभेदों की ओर भी संकेत किया है।
मां पर लगे आरोपों को बताया पूरी तरह झूठ
बैद्यनाथ घोष दस्तीदार ने कहा कि मुख्यमंत्री के बयान में भले ही उनकी मां का नाम नहीं लिया गया लेकिन परिस्थितियां ऐसी थीं कि लोगों ने सीधे तौर पर काकोली घोष दस्तीदार को ही उस बयान से जोड़ लिया। उन्होंने दावा किया कि उनकी मां ही ऐसी सांसद हैं जिन्हें केंद्रीय सुरक्षा मिली हुई है इसलिए आम लोगों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच यही धारणा बनी कि आरोप उन्हीं पर लगाए जा रहे हैं। बैद्यनाथ ने यह भी कहा कि ममता बनर्जी का यह दावा कि उनकी मां ने चुनाव लड़ने के लिए टिकट मांगा था या उन्हें टिकट मिलने की उम्मीद थी पूरी तरह से गलत और निराधार है। उनके अनुसार ऐसे आरोप बिना किसी तथ्य के लगाए गए हैं और इससे उनकी मां की राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हुई है। उन्होंने कहा कि परिवार इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करता है और इसे सच्चाई से परे मानता है।

परिवार की चुप्पी टूटी, कानूनी कार्रवाई की तैयारी
बैद्यनाथ घोष दस्तीदार ने बताया कि उनका परिवार अब तक इस पूरे मामले पर चुप रहा क्योंकि वे किसी भी मुद्दे पर जल्दबाजी में प्रतिक्रिया नहीं देना चाहते थे। उनका कहना है कि उन्होंने सम्मान और राजनीतिक मर्यादा को ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक बयान देने से परहेज किया। परिवार चाहता था कि पहले पूरे घटनाक्रम को समझा जाए और फिर उचित कदम उठाया जाए। लेकिन अब हालात ऐसे हो गए हैं कि उन्हें अपनी बात सार्वजनिक रूप से रखने की जरूरत महसूस हुई। बैद्यनाथ ने कहा कि लगातार लगाए जा रहे आरोपों और राजनीतिक चर्चाओं के बीच परिवार को लगा कि अब कानूनी रास्ता अपनाना ही सबसे उचित विकल्प है। इसी वजह से उन्होंने अपने वकील से सलाह ली और पूरे मामले को कानूनी रूप देने का फैसला किया।
ममता समेत कई नेताओं को भेजा जाएगा लीगल नोटिस
बैद्यनाथ घोष दस्तीदार ने खुलासा किया कि उनके वकील ने एक कानूनी नोटिस का मसौदा तैयार कर लिया है। यह नोटिस मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के अलावा टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा, वरिष्ठ नेता सौगत रॉय, सांसद कल्याण बनर्जी और सोनाली गुहा को भेजा जाएगा। उनका कहना है कि परिवार अब कानूनी तरीके से अपनी बात रखेगा और जिन आरोपों को गलत मानता है उनके खिलाफ उचित कार्रवाई करेगा। इस पूरे घटनाक्रम ने टीएमसी के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान को फिर से सुर्खियों में ला दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह विवाद और गहरा सकता है। फिलहाल सभी की नजर संबंधित नेताओं की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है और यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी नेतृत्व इस मामले को किस तरह संभालता है।