
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी। उन्होंने बीजेपी सरकार पर बुलडोजर कार्रवाई। फर्जी एनकाउंटर और सामाजिक भेदभाव जैसे गंभीर आरोप लगाए। अखिलेश यादव ने कहा कि मौजूदा सरकार में न्याय पाना बेहद मुश्किल हो गया है और प्रदेश में कानून का इस्तेमाल चुनिंदा तरीके से किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूपी में बुलडोजर जाति देखकर चलता है और सरकार अपने विरोधियों को दबाने के लिए प्रशासनिक ताकत का इस्तेमाल कर रही है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने हाथरस कांड का भी जिक्र किया और कहा कि 2020 जैसी घटनाएं आज भी दोहराई जा रही हैं। अखिलेश ने दावा किया कि सरकार आंकड़ों और संसाधनों के जरिए सच्चाई को दबाने की कोशिश कर रही है ताकि आम जनता तक वास्तविक स्थिति न पहुंच सके। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर गर्माहट बढ़ गई है और बीजेपी तथा समाजवादी पार्टी आमने सामने आ गई हैं।
फर्जी एनकाउंटर पर उठाए सवाल, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सबसे ज्यादा हमला फर्जी एनकाउंटर के मुद्दे पर बोला। उन्होंने कहा कि यूपी में एनकाउंटर अब कानून व्यवस्था का हिस्सा नहीं बल्कि राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का माध्यम बन गया है। सपा प्रमुख ने कहा कि कई मामलों में परिवारों के बयान और सामने आ रही खबरें यह संकेत देती हैं कि सरकार लगातार फर्जी एनकाउंटर की साजिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूपी में मर्जी के हिसाब से एनकाउंटर किए जा रहे हैं और इसका इस्तेमाल डर का माहौल बनाने के लिए किया जा रहा है। अखिलेश ने कहा कि असली मुठभेड़ और फर्जी एनकाउंटर में फर्क समझना जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में न्यायिक प्रक्रिया से ऊपर जाकर कार्रवाई करना संविधान की भावना के खिलाफ है। सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि एनकाउंटर के जरिए समाज में हिंसा को सामान्य बनाने की कोशिश की जा रही है और लोगों के मन में डर बैठाया जा रहा है। उनके मुताबिक सरकार शक्ति प्रदर्शन के जरिए राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है।

PDA को डराने की कोशिश, बुलडोजर राजनीति पर भी साधा निशाना
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने बीजेपी पर PDA यानी पिछड़े। दलित और अल्पसंख्यक समाज को डराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि फर्जी एनकाउंटर लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ एक बड़ा षड्यंत्र है और इसका सबसे ज्यादा असर कमजोर वर्गों पर पड़ रहा है। अखिलेश ने कहा कि सरकार अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल कर रही है और कानून का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार की तरह हो रहा है। उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यूपी में कार्रवाई जाति और धर्म देखकर की जा रही है। उनके मुताबिक जो सरकार प्रशासनिक विफलताओं को छिपाना चाहती है वही फर्जी एनकाउंटर और बुलडोजर राजनीति का सहारा लेती है। सपा प्रमुख ने कहा कि कानून व्यवस्था मजबूत करने के नाम पर आम लोगों के मन में मनोवैज्ञानिक दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि फर्जी एनकाउंटर से अपराध खत्म नहीं होते बल्कि समाज में अविश्वास और डर का माहौल बढ़ता है।
बीजेपी और सपा के बीच तेज हुआ सियासी संघर्ष
अखिलेश यादव के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में सियासी पारा तेजी से चढ़ गया है। बीजेपी नेताओं ने सपा प्रमुख के आरोपों को पूरी तरह निराधार और राजनीतिक बयानबाजी बताया है। वहीं समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थक लगातार सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए कानून व्यवस्था और एनकाउंटर का मुद्दा एक बड़ा राजनीतिक हथियार बन सकता है। यूपी में पहले भी एनकाउंटर और बुलडोजर कार्रवाई को लेकर बहस होती रही है लेकिन इस बार अखिलेश यादव ने सीधे सरकार की नीयत और प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। इससे आने वाले दिनों में सियासी टकराव और तेज होने की संभावना है। फिलहाल प्रदेश की जनता की नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार इन आरोपों का जवाब किस तरह देती है और विपक्ष इस मुद्दे को कितना बड़ा जनआंदोलन बना पाता है।