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आसमान में अचानक हुआ हादसा, फिर जयपुर एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग

जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शनिवार रात एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया जिसने कुछ देर के लिए एयरपोर्ट प्रशासन और विमानन अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी। फ्लाइनेस एयरलाइंस का एक विमान जेद्दा के लिए उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद बर्ड हिट यानी पक्षी से टकराने की घटना का शिकार हो गया। घटना के बाद विमान में मौजूद तकनीकी सुरक्षा प्रणाली सक्रिय हुई और पायलट ने तुरंत स्थिति का आकलन करते हुए एयर ट्रैफिक कंट्रोल को इसकी जानकारी दी। विमान उस समय जयपुर से जेद्दा के लिए रवाना हुआ था और उड़ान सामान्य रूप से जारी थी। लेकिन पक्षी के टकराने के बाद किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए विमान को वापस जयपुर लाने का निर्णय लिया गया। यह फैसला पूरी तरह यात्रियों और विमान की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी व्यक्ति को नुकसान नहीं पहुंचा और विमान भी सुरक्षित रूप से वापस एयरपोर्ट पहुंच गया।

पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा खतरा

जानकारी के अनुसार फ्लाइनेस एयरलाइंस की फ्लाइट शनिवार रात करीब 8 बजकर 25 मिनट पर जेद्दा से हाजियों को लेकर जयपुर पहुंची थी। सभी यात्रियों को सुरक्षित उतारने के बाद विमान रात 10 बजकर 10 मिनट पर खाली वापस जेद्दा के लिए रवाना हुआ। उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद पक्षी विमान से टकरा गया। विमानन विशेषज्ञों के अनुसार बर्ड हिट की घटनाएं कई बार गंभीर तकनीकी समस्याएं पैदा कर सकती हैं क्योंकि पक्षी इंजन या अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में पायलट ने बिना समय गंवाए एटीसी को सूचना दी और आपात स्थिति को ध्यान में रखते हुए विमान को वापस लाने का अनुरोध किया। करीब आधे घंटे बाद रात 10 बजकर 40 मिनट पर विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल के बीच बेहतर समन्वय के कारण संभावित खतरे को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया और एक बड़ी दुर्घटना टल गई।

आसमान में अचानक हुआ हादसा, फिर जयपुर एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग

तकनीकी जांच के बाद मिली उड़ान की मंजूरी

विमान के वापस उतरने के बाद एयरपोर्ट पर इंजीनियरिंग और तकनीकी टीमों ने तत्काल जांच शुरू कर दी। विशेषज्ञों ने विमान के उस हिस्से का बारीकी से निरीक्षण किया जहां पक्षी के टकराने की आशंका थी। सुरक्षा मानकों के अनुसार विमान को तब तक दोबारा उड़ान की अनुमति नहीं दी जा सकती जब तक उसकी पूरी तकनीकी जांच पूरी न हो जाए। कई घंटे तक चली जांच में विमान की संरचना और तकनीकी प्रणालियों की पड़ताल की गई। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार सभी सुरक्षा मानकों पर विमान को सुरक्षित पाया गया जिसके बाद उसे दोबारा उड़ान भरने की अनुमति दी गई। तकनीकी मंजूरी मिलने के बाद फ्लाइट रात 1 बजकर 5 मिनट पर फिर से जेद्दा के लिए रवाना हुई। इस पूरी प्रक्रिया ने यह साबित किया कि विमानन क्षेत्र में सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन किया जाता है और किसी भी जोखिम को नजरअंदाज नहीं किया जाता।

पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी घटनाएं

बर्ड हिट की घटनाएं भारतीय विमानन क्षेत्र में नई नहीं हैं। कुछ समय पहले बेंगलुरु से मुंबई जा रही इंडिगो की एक फ्लाइट भी टेकऑफ के दौरान पक्षी से टकरा गई थी। उस समय भी पायलट ने सावधानी बरतते हुए विमान को वापस एयरपोर्ट पर उतारा था और जांच के बाद ही उसे दोबारा उड़ान भरने की अनुमति दी गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट के आसपास पक्षियों की मौजूदगी विमान संचालन के लिए एक बड़ी चुनौती बनी रहती है। इसी बीच जयपुर एयरपोर्ट पर एक और महत्वपूर्ण घटना देखने को मिली जब भारतीय वायु सेना के एक विमान को प्राथमिकता के आधार पर लैंडिंग कराई गई। सूरतगढ़ से एक बीमार सुरक्षा जवान को इलाज के लिए जयपुर लाया गया था। विमान के उतरते ही जवान को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। एक ही दिन में हुई इन दो घटनाओं ने जयपुर एयरपोर्ट को चर्चा का केंद्र बना दिया और विमानन सुरक्षा व्यवस्था की अहमियत को फिर से उजागर कर दिया।

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