गिरिराज सिंह का ओवैसी पर तीखा हमला, भारत विभाजन पर बयान से मचा राजनीतिक विवाद

केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के फायरब्रांड नेता गिरिराज सिंह ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर तीखा हमला बोला है। सोमवार (20 अप्रैल 2026) को मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि भारत में मुसलमान सबसे अधिक सुविधाओं के साथ रह रहे हैं, फिर भी कुछ लोग लगातार देश के खिलाफ बयानबाजी करते हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल एक बार फिर गरमा गया है।
भारत विभाजन को लेकर ऐतिहासिक टिप्पणी
गिरिराज सिंह ने भारत विभाजन पर टिप्पणी करते हुए नेहरू और जिन्ना की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विभाजन के पीछे राजनीतिक महत्वाकांक्षा और विचारधारात्मक मतभेद जिम्मेदार थे, जिसमें महात्मा गांधी की मध्यस्थता भी शामिल थी। उन्होंने दावा किया कि उस समय अधिकांश मुसलमान विभाजन के पक्ष में थे और जो भारत में रहे, वे अलग विचारधारा से जुड़े थे। उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है।

ओवैसी और कथित ‘गजवा-ए-हिंद’ टिप्पणी पर विवाद
गिरिराज सिंह ने अपने बयान में आगे कहा कि अगर विभाजन के समय सभी मुसलमान पाकिस्तान भेज दिए गए होते और हिंदू भारत आ गए होते, तो देश आज “स्वर्ग” जैसा होता। उन्होंने यह भी कहा कि तब आतंकवाद और ओवैसी जैसे राजनीतिक चेहरे देखने को नहीं मिलते। उनके अनुसार, देश में कुछ लोग ऐसे विचारों को बढ़ावा देते हैं जो राष्ट्रीय एकता के लिए चुनौती हैं। इस बयान को लेकर विपक्षी दलों में नाराजगी देखी जा रही है।
ओवैसी का कांग्रेस पर पलटवार
वहीं दूसरी ओर, असदुद्दीन ओवैसी ने गुजरात के लिंबायत में एक जनसभा के दौरान भारत के विभाजन के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि उस समय मुसलमानों का बड़ा हिस्सा विभाजन के पक्ष में मतदान करने की स्थिति में नहीं था। ओवैसी ने कांग्रेस पर इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया। दोनों नेताओं के बयानों के बाद देश की राजनीति में एक बार फिर विभाजन और समुदाय को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई है।
