यूपी विधानसभा विशेष सत्र पर सियासी घमासान तेज, मनोज झा ने योगी सरकार पर साधा निशाना

लोकसभा में तीन महत्वपूर्ण विधेयकों के पारित न होने के बाद अब उत्तर प्रदेश में सियासी हलचल तेज हो गई है। चर्चा है कि 30 अप्रैल को यूपी विधानसभा और विधान परिषद का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाया जा सकता है। इस संभावित सत्र को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। फिलहाल यह मामला राज्यपाल की अनुमति पर निर्भर है, जिसके लिए सरकार ने अनुशंसा भेजी है।
मनोज झा का योगी सरकार पर तीखा हमला
राष्ट्रीय जनता दल के नेता और राज्यसभा सांसद मनोज झा ने इस प्रस्तावित विशेष सत्र को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार इस मुद्दे पर राजनीतिक मजबूरी में सत्र बुलाने की कोशिश कर रही है। मनोज झा ने इसे “राजनीतिक प्रदर्शन” करार देते हुए कहा कि सरकार विपक्ष के दबाव में काम कर रही है, जबकि वास्तविक जरूरत संसद स्तर पर कदम उठाने की है।

महिला आरक्षण बिल पर उठे गंभीर सवाल
मनोज झा ने महिला आरक्षण बिल को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह बिल पहले ही अधिसूचित हो चुका है और इसे लागू करने के लिए केवल इच्छाशक्ति की जरूरत है। उन्होंने सुझाव दिया कि बिना परिसीमन के भी इसे तुरंत लागू किया जा सकता है। साथ ही उन्होंने “कोटा विदिन कोटा” की मांग दोहराई और कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर सहमत है, लेकिन सरकार राजनीतिक दिखावा कर रही है।
‘नौटंकी और बौद्धिक दिवालियापन’ जैसे आरोप
राजद नेता ने सरकार पर बेहद सख्त शब्दों में टिप्पणी करते हुए इसे “नौटंकी” और “बौद्धिक तंगहाली की पराकाष्ठा” बताया। उन्होंने कहा कि सरकार के पास अब कोई ठोस एजेंडा नहीं बचा है, इसलिए ऐसे सत्रों के जरिए राजनीतिक माहौल बनाया जा रहा है। दूसरी ओर, सूत्रों के अनुसार यदि राज्यपाल से मंजूरी मिलती है तो 30 अप्रैल को यूपी विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें राजनीतिक टकराव और तेज होने की संभावना है।
