नालंदा में पत्रकार से कथित बदसलूकी का मामला NHRC पहुंचा, मोबाइल छीनने और फुटेज डिलीट करने का आरोप

बिहार के नालंदा में विचाराधीन कैदी के उत्पाद विभाग की हिरासत से फरार होने की कवरेज के दौरान पत्रकार से कथित बदसलूकी का मामला अब मानवाधिकार आयोग तक पहुंच गया है। शिकायत में निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार कर्मियों पर कार्रवाई और पत्रकार की सुरक्षा की मांग की गई है।
कैदी के फरार होने की कर रहे थे कवरेज
मामला बिहारशरीफ के मॉडल अस्पताल परिसर का है। शिकायत के मुताबिक, एबीपी न्यूज के रिपोर्टर अमृतेश कुमार वहां विचाराधीन कैदी के फरार होने की घटना की रिपोर्टिंग कर रहे थे। इसी दौरान उत्पाद विभाग के कुछ कर्मियों ने उन्हें कथित तौर पर घेर लिया।
मोबाइल छीनने और फुटेज मिटाने का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कर्मियों ने पत्रकार का मोबाइल फोन छीन लिया। मोबाइल में घटना से संबंधित वीडियो फुटेज मौजूद थी, जिसे कथित तौर पर डिलीट कर दिया गया। आरोप की गंभीरता इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि यह पूरा घटनाक्रम एक सरकारी परिसर में पत्रकारिता कवरेज के दौरान हुआ।

सुप्रीम कोर्ट के वकील ने NHRC में की शिकायत
सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता ब्रजेश सिंह ने इस मामले को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सामने उठाया है। उनका कहना है कि पत्रकार का घटनास्थल की रिपोर्टिंग करना पेशेवर दायित्व का हिस्सा था। ऐसे में मोबाइल छीनने और डिजिटल सामग्री हटाने के आरोपों की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
पत्रकारिता के अधिकार पर उठे सवाल
शिकायतकर्ता ने पूरे मामले को पत्रकार के काम में कथित हस्तक्षेप से जोड़ते हुए सार्वजनिक पद के दुरुपयोग की आशंका जताई है। यदि वीडियो फुटेज वास्तव में जबरन डिलीट की गई है, तो यह डिजिटल साक्ष्य से संभावित छेड़छाड़ का सवाल भी खड़ा करता है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
दोषी मिलने पर कार्रवाई की मांग
अधिवक्ता ने NHRC से घटनाक्रम की स्वतंत्र जांच कराने और आरोप सही पाए जाने पर संबंधित उत्पाद विभाग के कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी व कानूनी कार्रवाई की अनुशंसा करने की मांग की है। साथ ही पत्रकार को सुरक्षा उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया गया है।
अब प्रशासनिक कार्रवाई पर नजर
बताया गया है कि मामले की जानकारी जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और उत्पाद अधीक्षक समेत संबंधित अधिकारियों को भी दी गई है। अब सबसे अहम सवाल यही है कि शिकायत पर प्रशासन और मानवाधिकार आयोग किस तरह आगे बढ़ते हैं। किसी भी घटना की सच्चाई सामने लाने में स्वतंत्र पत्रकारिता की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, इसलिए लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच ही इस विवाद का सबसे विश्वसनीय समाधान हो सकती है।
