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संभल में 128 परिषदीय स्कूलों का औचक निरीक्षण, एक शिक्षक सस्पेंड; 7 प्रधानाध्यापक-इंचार्ज का वेतन रोका

जिले के गुन्नौर ब्लॉक में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था जांचने के लिए प्रशासन ने एक साथ 128 परिषदीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण कराया। निरीक्षण में कई स्तरों पर कमियां सामने आने के बाद एक शिक्षक को निलंबित कर दिया गया, जबकि सात प्रधानाध्यापकों और इंचार्ज शिक्षकों के वेतन पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी गई।

128 स्कूलों में एक साथ पहुंची प्रशासन की टीमें

प्रशासन की ओर से गुन्नौर ब्लॉक के 128 परिषदीय स्कूलों में एक साथ निरीक्षण कराया गया। अचानक पहुंची टीमों को देखकर कई विद्यालयों में हड़कंप की स्थिति बन गई।

निरीक्षण के दौरान बच्चों की उपस्थिति, शिक्षकों की मौजूदगी, पठन-पाठन की स्थिति और मिड-डे मील समेत स्कूल की व्यवस्थाओं को जांचा गया।

डीएम अंकित खंडेलवाल के मुताबिक, यह कार्रवाई किसी एक शिकायत के आधार पर नहीं, बल्कि प्रशासन की ओर से स्वप्रेरणा से कराई गई।

मिड-डे मील से लेकर साफ-सफाई तक की जांच

जांच के दौरान मिड-डे मील के निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन मिलने की स्थिति देखी गई। इसके अलावा बच्चों को फल और दूध के वितरण, खाद्य सामग्री की उपलब्धता, बर्तनों की साफ-सफाई और खाद्यान्न के उचित भंडारण की भी जांच हुई।

स्कूलों में रसोइयों की व्यवस्था और भोजन तैयार करने से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं को भी निरीक्षण का हिस्सा बनाया गया।

संभल में 128 परिषदीय स्कूलों का औचक निरीक्षण, एक शिक्षक सस्पेंड; 7 प्रधानाध्यापक-इंचार्ज का वेतन रोका

एक शिक्षक निलंबित, सात का वेतन रोका

निरीक्षण के दौरान मिली कमियों के आधार पर ग्राम पंचायत मुड़ेना के प्राथमिक विद्यालय के इंचार्ज अध्यापक खजनपाल सिंह को निलंबित किया गया।

इसके अलावा सात स्कूलों के प्रधानाध्यापकों या इंचार्ज अध्यापकों के वेतन आहरण पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी गई है।

जिन स्कूलों से जुड़े शिक्षकों पर कार्रवाई की गई, उनमें मुड़ेना, घुघैया, पाठकपुर, बाजपुर, जड़वार, गंगावास और गुन्नौर अब्दुलहई के विद्यालय शामिल हैं।

तीन दिन में मांगा गया स्पष्टीकरण

जिन शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई हुई है, उनसे तीन दिन के भीतर साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण मांगा गया है। प्रशासन की ओर से स्पष्टीकरण और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

वहीं मिड-डे मील व्यवस्था में ग्राम प्रधानों की भूमिका को देखते हुए संबंधित ग्राम प्रधानों को भी 95-G के तहत नोटिस जारी किए गए हैं।

दूसरे ब्लॉकों में भी जारी रहेगा सरप्राइज इंस्पेक्शन

डीएम अंकित खंडेलवाल ने कहा कि सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए औचक निरीक्षण का अभियान आगे भी जारी रहेगा। जिले के दूसरे ब्लॉकों में भी प्रशासन की टीमें अचानक स्कूलों का निरीक्षण कर सकती हैं।

इस अभियान के जरिए प्रशासन का फोकस स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति, पढ़ाई की गुणवत्ता, विद्यार्थियों की उपस्थिति और मिड-डे मील जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं की निगरानी पर है।

गुन्नौर ब्लॉक के 128 परिषदीय स्कूलों में हुए औचक निरीक्षण के बाद प्रशासन ने एक शिक्षक को निलंबित किया और सात प्रधानाध्यापकों व इंचार्ज शिक्षकों के वेतन पर रोक लगाई। अब जिले के अन्य ब्लॉकों में होने वाले निरीक्षणों पर नजर रहेगी।

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