चंपारण सत्याग्रह एक्सप्रेस में यात्री की सोने की चेन चोरी, तीन कोच अटेंडेंट गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के बरेली में चंपारण सत्याग्रह एक्सप्रेस के AC कोच से सोने की चेन चोरी होने का मामला सामने आया है। आरोप है कि ट्रेन में तैनात तीन कोच अटेंडेंट ने मिलकर यात्री के गले से चेन निकाल ली। यात्री की नींद खुलने पर एक आरोपी को पकड़ लिया गया, जिसके बाद पूछताछ में कथित तौर पर पूरी वारदात का खुलासा हुआ।
सुबह नींद खुली तो गायब थी सोने की चेन
मामला 14010 चंपारण सत्याग्रह एक्सप्रेस के B-1 कोच का है। दक्षिणी दिल्ली के छतरपुर-जोनापुर इलाके में रहने वाले रोहित कुमार दिल्ली से सीतापुर जा रहे थे। उनकी सीट नंबर 24 थी।
थकान के कारण वह रात में सीट पर सो गए। सुबह करीब 5 बजे आंवला और बरेली कैंट के बीच उनकी नींद खुली तो गले से सोने की चेन गायब मिली।
इसी दौरान उन्हें सीट के पास कोच अटेंडेंट शेखर खड़ा दिखाई दिया। वहीं दो अन्य युवक दरवाजे की ओर जाते नजर आए। शक होने पर रोहित ने शेखर को पकड़ लिया और जीआरपी को सूचना दी।
पूछताछ में दो साथियों के नाम सामने आए
जीआरपी के पहुंचने के बाद शेखर से पूछताछ की गई। पुलिस के मुताबिक, शुरुआत में वह मामले को लेकर गोलमोल जवाब देता रहा। पूछताछ आगे बढ़ने पर उसने कथित तौर पर अपने दो साथियों गजब सिंह और अनिल कश्यप के नाम बताए।
तीनों आरोपी बागपत जिले के रहने वाले बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार, शेखर, गजब सिंह और अनिल कश्यप ने मिलकर चेन चोरी की योजना बनाई थी।
चेन चोरी के 10 मिनट के भीतर किए तीन टुकड़े
जीआरपी की पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि चोरी करने के बाद सोने की चेन को कुछ ही मिनटों में तीन हिस्सों में काट दिया गया था।
आरोप है कि तीनों ने चेन के टुकड़े आपस में बांट लिए थे। पुलिस ने जांच के दौरान चेन के तीनों हिस्से बरामद कर लिए हैं।

चलती ट्रेन से कूदकर भागने की कोशिश
पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद आरोपी ट्रेन से अलग होने की कोशिश कर रहे थे। ट्रेन की रफ्तार कम होने पर शेखर कथित तौर पर चलती ट्रेन से कूदकर भागने लगा।
इसके बाद जीआरपी ने उसकी तलाश शुरू की। गश्त के दौरान पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।
AC कोच में यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल
इस घटना के बाद AC कोच में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यात्री आमतौर पर AC कोच में सफर को अपेक्षाकृत सुरक्षित मानते हैं। ऐसे में यात्रियों की सुविधा और सहायता के लिए तैनात स्टाफ पर ही चोरी में शामिल होने का आरोप लगना सुरक्षा व्यवस्था के लिए चिंता का विषय बन गया है।
जीआरपी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गिरफ्तार आरोपियों ने इससे पहले भी किसी ट्रेन या यात्री को निशाना बनाया था या नहीं।
जीआरपी ने तीनों आरोपियों को किया गिरफ्तार
जीआरपी प्रभारी इंस्पेक्टर एसके वर्मा के अनुसार, यात्री की सूचना मिलने के बाद तत्काल कार्रवाई की गई। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी की गई सोने की चेन के तीनों हिस्से बरामद कर लिए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर निगरानी और कार्रवाई जारी है। मामले में आरोपियों से आगे भी पूछताछ की जा रही है।