NEET UG-2026 पेपर लीक में बड़ा खुलासा, देहरादून से फरार आरोपी गिरफ्तार

देशभर में हड़कंप मचाने वाले NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप यानी Rajasthan Police Special Operations Group को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी राकेश को उत्तराखंड के Dehradun से गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपी देहरादून में अपने एक करीबी दोस्त के घर छिपा हुआ था। खास बात यह है कि जिस दोस्त के यहां वह रह रहा था उसे राजस्थान पुलिस पहले ही 9 मई को गिरफ्तार कर चुकी थी। इस गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूरे पेपर लीक नेटवर्क की कई अहम कड़ियां सामने आ सकती हैं। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा रद्द होने के बाद लाखों छात्रों और अभिभावकों में गुस्सा और चिंता दोनों बढ़ गई है। अब इस मामले में लगातार हो रही गिरफ्तारियों से संकेत मिल रहे हैं कि यह कोई साधारण लीक नहीं बल्कि बेहद संगठित रैकेट हो सकता है।
व्हाट्सएप पर वायरल हुआ था “गेस पेपर”, जांच में बढ़ी गंभीरता
जानकारी के अनुसार NEET UG-2026 परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी। परीक्षा खत्म होने के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर पेपर लीक की खबरें तेजी से फैलने लगीं। जांच में सामने आया कि परीक्षा से पहले ही एक कथित “गेस पेपर” हजारों छात्रों तक व्हाट्सएप और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए पहुंच चुका था। इस दस्तावेज में करीब 400 से ज्यादा सवाल मौजूद थे। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इनमें से कई सवाल असली परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों से मेल खाते पाए गए। इसके बाद पूरे देश में बवाल मच गया और परीक्षा की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह लीक किसी छोटे स्तर पर नहीं बल्कि बेहद सुनियोजित तरीके से किया गया था। राजस्थान SOG ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कई राज्यों में लगातार छापेमारी शुरू की और उसी दौरान देहरादून एक अहम ठिकाने के रूप में सामने आया।

20 से ज्यादा संदिग्ध हिरासत में, मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश
सूत्रों के मुताबिक इस मामले में अब तक 20 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया जा चुका है। उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ आरोपी कथित तौर पर छात्रों को मोटी रकम लेकर परीक्षा से पहले सवाल उपलब्ध कराने का दावा कर रहे थे। कई गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन और डिजिटल रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस को शक है कि यह रैकेट कई राज्यों में फैला हुआ है और इसमें टेक्निकल एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट तक शामिल हो सकते हैं। कुछ मामलों में कथित मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी भी हो चुकी है लेकिन जांच एजेंसियां अभी पूरे गिरोह की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। इस मामले ने देश की परीक्षा प्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है और अब केंद्र सरकार पर भी सख्त कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है।
परीक्षा रद्द होने से 23 लाख छात्रों पर असर, केंद्रीय जांच की संभावना
पेपर लीक विवाद बढ़ने के बाद NEET UG-2026 परीक्षा को रद्द कर दिया गया। इस फैसले का असर देशभर के करीब 23 लाख छात्रों पर पड़ा है जिन्होंने मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश पाने के लिए परीक्षा दी थी। छात्रों और अभिभावकों के बीच भारी नाराजगी देखी जा रही है क्योंकि उन्हें अब दोबारा परीक्षा की तैयारी करनी पड़ेगी। वहीं जांच एजेंसियां अब इस मामले में केंद्रीय एजेंसियों की एंट्री की संभावना भी जता रही हैं। राजस्थान SOG फिलहाल पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हुई है और आने वाले दिनों में और बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। दूसरी तरफ देहरादून पुलिस ने कैमरे पर बयान देने से इनकार कर दिया लेकिन इतना जरूर स्वीकार किया कि राजस्थान पुलिस ने उनसे संपर्क किया था और आरोपी को पकड़ने में स्थानीय स्तर पर मदद ली गई। अब पूरे देश की नजर इस बात पर टिकी है कि आखिर इस पेपर लीक रैकेट का असली मास्टरमाइंड कौन है और क्या छात्रों को न्याय मिल पाएगा।
