
पंचकूला नगर निगम चुनाव से ठीक पहले मतदाता सूची को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह और महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया है कि वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई है। दोनों नेताओं ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि करीब 8 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम दो-दो बार दर्ज हैं। कांग्रेस के अनुसार वार्ड स्तर पर जांच के दौरान 8,543 मतदाताओं के डुप्लीकेट नाम सामने आए, जिससे कुल डुप्लीकेट एंट्री 17,086 तक पहुंचती है। कुल मतदाता संख्या लगभग 2.8 लाख बताई जा रही है, ऐसे में गड़बड़ी और भी बड़ी हो सकती है।
कांग्रेस ने बताया सुनियोजित साजिश, चुनाव आयोग से शिकायत
कांग्रेस नेताओं ने इस मामले को केवल तकनीकी गलती मानने से इनकार किया है। उनका कहना है कि यह किसी प्रकार की क्लेरिकल त्रुटि नहीं बल्कि एक सुनियोजित साजिश है, जिसमें अधिकारियों और सत्तारूढ़ दल की मिलीभगत की आशंका है। इस पूरे मामले की शिकायत राज्य चुनाव आयोग और रिटर्निंग ऑफिसर को भेज दी गई है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इस कथित गड़बड़ी से भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को सीधा फायदा पहुंचाया जा रहा है, जिनमें पूर्व मेयर कुलभूषण गोयल और मेयर पद के प्रत्याशी श्याम लाल बंसल के नाम भी शामिल बताए गए हैं।

मतदान प्रक्रिया की निष्पक्षता पर उठे सवाल
नगर निगम चुनाव के लिए मतदान 10 मई 2026 को प्रस्तावित है, लेकिन इससे पहले ही विवाद ने चुनावी माहौल को गर्म कर दिया है। कांग्रेस का कहना है कि यदि मतदाता सूची में इस तरह की भारी गड़बड़ी बनी रहती है तो चुनाव की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े होंगे। पार्टी ने आशंका जताई है कि फर्जी या डुप्लीकेट वोटिंग से चुनाव परिणाम प्रभावित हो सकते हैं। इस पूरे मामले ने प्रशासन और चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवालिया निशान लगा दिए हैं।
कांग्रेस की मांगें और जांच की मांग तेज
कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग से कई सख्त कदम उठाने की मांग की है। इनमें पूरी वोटर लिस्ट की दोबारा जांच, डुप्लीकेट नामों को हटाना, संशोधित सूची को सार्वजनिक करना और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई शामिल है। साथ ही मांग की गई है कि जांच पूरी होने तक संदिग्ध 17,086 मतदाताओं को वोट डालने से रोका जाए। राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि यह मामला केवल पंचकूला तक सीमित नहीं है, बल्कि सोनीपत और अंबाला जैसे नगर निगमों में भी इसी तरह की गड़बड़ी की आशंका है। उन्होंने कहा कि सबूतों के साथ शिकायत चुनाव आयोग को सौंपी गई है और अब निष्पक्ष जांच जरूरी है।