
बिहार में छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद सुधाकर सिंह ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए छात्रों के मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगा और न्यायिक जांच की मांग दोहराई।
सुधाकर सिंह ने सरकार को घेरा
बक्सर से आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा करते हुए बिहार में छात्रों के आंदोलन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ हुई घटनाओं पर सरकार को जवाब देना चाहिए और मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।
सुधाकर सिंह ने अपने बयान में यह भी कहा कि जब तक राज्य सरकार छात्रों से माफी नहीं मांगती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। यह उनके राजनीतिक बयान हैं और इन पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया अलग हो सकती है।
धर्मेंद्र प्रधान के स्वागत पर भी उठाए सवाल
सुधाकर सिंह ने पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के संसद परिसर में भाजपा सांसदों द्वारा स्वागत किए जाने पर भी सवाल उठाए। इसी मुद्दे पर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी सांसद गोपाल जी ठाकुर की आलोचना की और इसे मिथिला की संस्कृति से जोड़ते हुए आपत्ति जताई।

प्रधानमंत्री को लिखा था पत्र
इससे पहले सुधाकर सिंह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर छात्र आंदोलनों के दौरान पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई की स्वतंत्र न्यायिक जांच कराने की मांग कर चुके हैं। उन्होंने पत्र में कहा था कि यदि किसी भी पक्ष की ओर से कानून का उल्लंघन हुआ है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
छात्र आंदोलन पर जारी है राजनीतिक घमासान
बिहार में हालिया छात्र आंदोलन के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप लगातार जारी हैं। विपक्ष पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को घेर रहा है, जबकि सरकार और संबंधित एजेंसियां अपने स्तर पर घटनाक्रम को लेकर कार्रवाई और जांच की बात कह रही हैं। मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर राजनीतिक दल लगातार बयान दे रहे हैं।
जांच और कानूनी प्रक्रिया पर टिकी निगाहें
छात्र आंदोलन से जुड़े घटनाक्रम को लेकर विभिन्न स्तरों पर जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है। ऐसे मामलों में अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच एजेंसियों और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे। फिलहाल राजनीतिक बयानबाजी के बीच सभी की नजरें आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।
बिहार के छात्र आंदोलन ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था, छात्रों के अधिकार और राजनीतिक जवाबदेही को लेकर बहस तेज कर दी है। विपक्ष न्यायिक जांच और जवाबदेही की मांग कर रहा है, जबकि मामले का अंतिम सच जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
