राज्य

हरियाणा में 29 सितंबर से शुरू होगी धान की सरकारी खरीद, किसानों के आंदोलन के बाद केंद्र ने बदली तारीख

हरियाणा में धान की सरकारी खरीद को लेकर किसानों की मांग के बाद केंद्र सरकार ने खरीद प्रक्रिया दो दिन पहले शुरू करने की अनुमति दे दी है। अब खरीफ विपणन सत्र 2026-27 के तहत प्रदेश में धान की सरकारी खरीद 29 सितंबर से शुरू होगी। पहले खरीद की शुरुआत 1 अक्टूबर से होनी थी। केंद्र के इस फैसले से मंडियों में पहुंच चुके धान की खरीद और उठान जल्द शुरू होने की उम्मीद है।

किसानों के आंदोलन के बाद बदली खरीद की तारीख

धान की सरकारी खरीद जल्द शुरू कराने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) ने 22 सितंबर को शाहाबाद में प्रदर्शन किया था। किसान संगठन की मांग थी कि मंडियों में पहुंच रहे धान की सरकारी खरीद में देरी न की जाए, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े।

इसके बाद प्रदेश सरकार ने 23 सितंबर को केंद्र सरकार को पत्र भेजकर खरीद प्रक्रिया 1 अक्टूबर की बजाय पहले शुरू करने का अनुरोध किया। केंद्र की ओर से जारी पत्र में अब 29 सितंबर से खरीद शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

केंद्र ने दो दिन पहले खरीद की मंजूरी दी

भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश बैंस ने केंद्र के इस फैसले को किसानों की मांग से जोड़ते हुए कहा कि प्रदेश सरकार के आग्रह को स्वीकार करते हुए खरीद दो दिन पहले शुरू करने की मंजूरी दी गई है।

सरकारी खरीद शुरू होने से मंडियों में पड़े धान की खरीद प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए सरकारी एजेंसियों के खरीद केंद्रों पर सुविधा मिलने की उम्मीद है। साथ ही मंडियों में जमा धान के उठान की प्रक्रिया भी तेज होने की संभावना है।

हरियाणा में 29 सितंबर से शुरू होगी धान की सरकारी खरीद, किसानों के आंदोलन के बाद केंद्र ने बदली तारीख

15 नवंबर तक चलेगी सरकारी खरीद

खरीफ विपणन सत्र 2026-27 के लिए हरियाणा में धान की सरकारी खरीद 29 सितंबर से शुरू होकर 15 नवंबर तक चलेगी। पहले निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक खरीद 1 अक्टूबर से शुरू होनी थी।

इस अवधि के दौरान किसानों से निर्धारित सरकारी खरीद व्यवस्था के तहत धान खरीदा जाएगा। खरीद की समयसीमा तय होने से मंडियों और खरीद एजेंसियों को भी अपनी व्यवस्थाएं उसी के अनुसार संचालित करनी होंगी।

तीन सरकारी एजेंसियों को मिली जिम्मेदारी

हरियाणा में धान की सरकारी खरीद की जिम्मेदारी तीन एजेंसियों को सौंपी गई है। इनमें खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, हैफेड और हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन शामिल हैं।

ये एजेंसियां निर्धारित व्यवस्था और खरीद केंद्रों के माध्यम से किसानों से धान खरीदेंगी। खरीद के साथ मंडियों में उपज के उठान और भंडारण की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण रहेगी, क्योंकि धान की आवक बढ़ने के साथ मंडियों पर दबाव बढ़ सकता है।

मंडियों में धान की आवक बढ़ने की उम्मीद

धान की कटाई शुरू होने के साथ हरियाणा की मंडियों में फसल की आवक बढ़ रही है। ऐसे में सरकारी खरीद शुरू होने में देरी किसानों के लिए चिंता का विषय बनी हुई थी।

29 सितंबर से खरीद शुरू होने के बाद मंडियों में सरकारी खरीद का काम तेजी पकड़ सकता है। किसानों के लिए यह भी जरूरी होगा कि वे निर्धारित खरीद केंद्र, दस्तावेज और संबंधित एजेंसी की प्रक्रिया की जानकारी लेकर अपनी उपज लेकर पहुंचें।

किसानों को क्या होगा फायदा?

सरकारी खरीद दो दिन पहले शुरू होने से मंडियों में पहुंच चुके धान की बिक्री का रास्ता खुलेगा। इससे किसानों को अपनी उपज के लिए खरीदार मिलने में सुविधा हो सकती है और मंडियों में जमा स्टॉक के उठान की प्रक्रिया भी आगे बढ़ेगी।

हालांकि वास्तविक राहत इस बात पर निर्भर करेगी कि खरीद केंद्रों पर व्यवस्था कितनी तेजी से संचालित होती है और मंडियों से खरीदे गए धान का उठान कितनी जल्दी किया जाता है।

 किसानों की मांग और प्रदेश सरकार के अनुरोध के बाद हरियाणा में धान की सरकारी खरीद 1 अक्टूबर की बजाय 29 सितंबर से शुरू करने का फैसला किया गया है। खरीद 15 नवंबर तक चलेगी और तीन सरकारी एजेंसियां इसकी जिम्मेदारी संभालेंगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button