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उज्जैन शाही मस्जिद विवाद: पथराव के बाद 15 गिरफ्तार, 5 सोशल मीडिया अकाउंट्स पर केस

मध्य प्रदेश के उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के लिए शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने के दौरान सोमवार को तनाव बढ़ गया। पुलिस के मुताबिक मौके पर मौजूद भीड़ के एक हिस्से ने पुलिस पर पथराव किया, जिसके बाद स्थिति नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए और हल्का बल प्रयोग किया गया। घटना के बाद पुलिस ने 15 लोगों को गिरफ्तार किया है। सोशल मीडिया पर कथित तौर पर भ्रामक सामग्री प्रसारित करने वाले कुछ अकाउंट्स के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।

सड़क चौड़ीकरण के लिए हटाया जा रहा था हिस्सा

मामला उज्जैन के छत्री चौक स्थित शाही मस्जिद से जुड़ा है। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत कंठाल से गोपाल मंदिर मार्ग के सड़क चौड़ीकरण की योजना पर काम चल रहा है। इसी प्रस्तावित सड़क के दायरे में आने वाले मस्जिद के एक हिस्से को हटाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी।

प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच हुए समझौते के बाद प्रभावित हिस्से को हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ी। मंगलवार को भी कमेटी के सदस्य अपनी सहमति से निर्माण के संबंधित हिस्से को हटाने में जुटे रहे।

सोशल मीडिया वीडियो के बाद बढ़ी भीड़

प्रशासन और पुलिस के अनुसार, मस्जिद का पूरा ढांचा गिराए जाने की बात कहने वाले भ्रामक वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट प्रसारित होने के बाद इलाके में भीड़ जुटने लगी। पुलिस का कहना है कि कुछ वीडियो AI-generated भी पाए गए, जिनमें पूरी मस्जिद को गिराए जाने का दावा किया गया था।

इन पोस्ट के बाद टंकी चौक और अंडा गली की तरफ से लोग शाही मस्जिद की ओर पहुंचे। मौके पर मौजूद सुरक्षा बलों ने भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की। इसी दौरान पथराव की घटना हुई और पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया।

उज्जैन शाही मस्जिद विवाद: पथराव के बाद 15 गिरफ्तार, 5 सोशल मीडिया अकाउंट्स पर केस

शहर काजी के घर के बाहर भी पथराव

विवाद के दौरान शहर काजी खलील कुरैशी रहमान ने लोगों से शांति बनाए रखने और सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की थी। इसके बावजूद पुलिस के अनुसार उनके घर के बाहर भी भीड़ जुटी और पथराव की घटना हुई।

इसके बाद पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी और घटना में शामिल लोगों की पहचान के लिए कार्रवाई शुरू की। पुलिस जांच में CCTV और अन्य उपलब्ध फुटेज का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

15 लोगों की गिरफ्तारी

पुलिस ने पथराव और शांति भंग करने के आरोपों में 15 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है और संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई है।

अलग-अलग रिपोर्टों में FIR की संख्या और नामजद लोगों की संख्या में अंतर सामने आया है, इसलिए सभी आरोपों को जांच पूरी होने से पहले अंतिम निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

सोशल मीडिया पोस्ट पर भी पुलिस की नजर

पुलिस ने कथित तौर पर भ्रामक और तनाव बढ़ाने वाली सामग्री प्रसारित करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच शुरू की है। उपलब्ध रिपोर्टों में पांच सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के खिलाफ केस दर्ज किए जाने की जानकारी है।

पुलिस का आरोप है कि ऐसे कंटेंट से लोगों के बीच भ्रम पैदा हुआ और मौके पर भीड़ जुटने में मदद मिली। इन आरोपों की जांच जारी है।

प्रशासन ने की अफवाहों से बचने की अपील

उज्जैन प्रशासन ने लोगों से सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो और दावों को बिना पुष्टि के साझा नहीं करने की अपील की है। अधिकारियों के अनुसार, सड़क चौड़ीकरण के लिए जरूरी हिस्से को हटाने की प्रक्रिया सहमति के बाद आगे बढ़ी है।

मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में भी याचिकाएं पहुंची थीं। सोमवार को मस्जिद कमेटी की ओर से नगर निगम के साथ समझौते की जानकारी अदालत के सामने रखी गई, जिसके बाद संबंधित अपीलों का निपटारा किया गया।

सुरक्षा बढ़ाई गई

घटना के बाद उज्जैन में संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस सोशल मीडिया पोस्ट, CCTV फुटेज और मौके की अन्य रिकॉर्डिंग के आधार पर उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान कर रही है।

प्रशासन की कोशिश है कि सड़क चौड़ीकरण का काम जारी रहे और अफवाहों के कारण दोबारा तनाव की स्थिति न बने। फिलहाल पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी अपुष्ट सूचना पर भरोसा न करने की अपील की है।

 उज्जैन में शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने के दौरान हुए पथराव के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। 15 लोगों की गिरफ्तारी और सोशल मीडिया पोस्ट की जांच के बीच प्रशासन का फोकस कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अफवाहों पर रोक लगाने पर है। मामले में गिरफ्तार लोगों और सोशल मीडिया अकाउंट्स पर लगे आरोपों की जांच अभी जारी है।

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