
बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर NDA के भीतर ही अलग-अलग राय सामने आई है। केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने राज्य में अपराध और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए सरकार का हिस्सा होने पर ‘शर्म’ महसूस करने की बात कही थी। अब हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के संरक्षक और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने चिराग के बयान पर प्रतिक्रिया दी है। मांझी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कामकाज का बचाव करते हुए कहा कि अगर कोई सरकार के काम से शर्मिंदा है तो उसे आगे की कार्रवाई करनी चाहिए।
चिराग के बयान पर मांझी का जवाब
पटना में मंगलवार, 29 सितंबर को पत्रकारों से बातचीत के दौरान जीतन राम मांझी से चिराग पासवान के बयान को लेकर सवाल पूछा गया। चिराग ने बिहार की कानून-व्यवस्था पर नाराजगी जताई थी और कहा था कि ऐसी सरकार का समर्थन करने पर उन्हें शर्म महसूस होती है।
मांझी ने जवाब देते हुए कहा कि जो लोग इस तरह की बात कर रहे हैं, उन्हें आगे की कार्रवाई के बारे में सोचना चाहिए। उनके बयान को चिराग के लिए सरकार या गठबंधन के स्तर पर अपने रुख को स्पष्ट करने की सलाह के तौर पर देखा जा रहा है।
सम्राट चौधरी के कामकाज की तारीफ
मांझी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें ऐसा मुख्यमंत्री मिलने पर गर्व महसूस होता है जो त्वरित कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने विकास, आपदा प्रबंधन और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार के कामकाज का उल्लेख किया।
मांझी ने यह भी कहा कि यदि कोई सरकार की आलोचना करता है तो उसे अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन उसके बाद उसे अपने राजनीतिक रुख को लेकर आगे की कार्रवाई भी करनी चाहिए।

‘आज एक अणे मार्ग नहीं बुलाया जाता’
मांझी ने अपने बयान में बिहार के पुराने शासनकाल की तुलना मौजूदा व्यवस्था से भी की। उन्होंने कहा कि आज अपराध करने वालों को मुख्यमंत्री आवास ‘एक अणे मार्ग’ पर बुलाकर समझौता नहीं कराया जाता।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुराने दौर में अपहरण और दुष्कर्म जैसे मामलों के आरोपियों को संरक्षण मिलने की स्थिति थी, जबकि अब ऐसी स्थिति नहीं है। ये मांझी की राजनीतिक टिप्पणी है और पुराने शासन को लेकर उनका आकलन है।
‘ऑपरेशन लंगड़ा’ का किया जिक्र
कानून-व्यवस्था पर बोलते हुए मांझी ने ‘ऑपरेशन लंगड़ा’ का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि पहले इस तरह की कार्रवाई नहीं होती थी, जबकि अब अपराध और कानून-व्यवस्था के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
हालांकि, मांझी द्वारा इस्तेमाल किया गया यह शब्द राजनीतिक बयान के संदर्भ में आया है। किसी अभियान की आधिकारिक प्रकृति और उसके तहत हुई कार्रवाई के आंकड़ों का आकलन अलग से सरकारी रिकॉर्ड के आधार पर किया जाना चाहिए।
चिराग ने कानून-व्यवस्था पर क्या कहा था?
चिराग पासवान ने बिहार में हाल की कुछ आपराधिक घटनाओं के संदर्भ में राज्य सरकार और पुलिस-प्रशासन पर सवाल उठाए थे। उन्होंने महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा था कि सरकार को समय रहते कदम उठाने चाहिए।
चिराग की टिप्पणियों के बाद NDA के भीतर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। बिहार सरकार में मंत्री संतोष कुमार मांझी ने भी कहा था कि चिराग के विचार अलग हो सकते हैं, लेकिन सरकार अपराध पर कार्रवाई और लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है।
NDA में कानून-व्यवस्था बना राजनीतिक मुद्दा
चिराग पासवान और जीतन राम मांझी की टिप्पणियों से साफ है कि बिहार की कानून-व्यवस्था आगामी चुनावी राजनीति में प्रमुख मुद्दा बनी हुई है। एक ओर चिराग सरकार के कामकाज पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं मांझी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार की कार्रवाई का बचाव कर रहे हैं।
इस बीच विपक्ष भी चिराग की टिप्पणियों को लेकर सरकार पर निशाना साध रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर बिहार की राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है
