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गुलजार सिंह की मौत के बाद पंजाब में सियासत गरमाई, विपक्ष ने मान सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

पंजाब के संगरूर में गुलजार सिंह की मौत ने नशे के खिलाफ आवाज, गांव की पंचायत के कथित दबाव और पुलिस कार्रवाई को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंत्री के कार्यक्रम में पूछे गए एक सवाल से शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक टकराव का मुद्दा बन चुका है।

मंत्री से सवाल के बाद बढ़ा विवाद

संगरूर जिले में गुलजार सिंह की मौत के बाद मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। गुलजार वही व्यक्ति थे, जिन्होंने वित्त मंत्री हरपाल चीमा के एक कार्यक्रम में पंजाब में नशे को लेकर सवाल उठाया था। आरोप है कि सवाल पूछने के बाद गांव के सरपंच और कुछ अन्य लोगों ने उनसे माफी मांगने का दबाव बनाया।

परिवार और मामले से जुड़े आरोपों के मुताबिक, पंचायत के कथित दबाव के बाद गुलजार ने जहरीला पदार्थ खा लिया। लुधियाना के DMCH में इलाज के दौरान देर रात उनकी मौत हो गई।

SC-ST एक्ट में मामला, कई गिरफ्तार

गुलजार सिंह अनुसूचित जाति समुदाय से थे। पुलिस ने आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में मामला दर्ज किया है और इसमें SC-ST एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गई हैं।

गुलजार सिंह की मौत के बाद पंजाब में सियासत गरमाई, विपक्ष ने मान सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

पुलिस के अनुसार, मामले में तीन से चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, मृतक के परिवार ने फिलहाल पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है। जांच अब आरोपों, घटनाक्रम और कथित दबाव के बीच संबंधों को खंगाल रही है।

नशे के खिलाफ उठाते थे आवाज

गुलजार सिंह को नशे के खिलाफ सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर भी बताया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान के विरोध में भी प्रदर्शन किया था। आरोप है कि उन्होंने छत पर चढ़कर काले झंडे दिखाए और नारेबाजी की थी।

इस बीच उन पर पुलिस हिरासत में कथित मारपीट किए जाने के आरोप भी सामने आए हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के जरिए होना बाकी है।

विपक्ष ने सरकार को घेरा

गुलजार की मौत के बाद पंजाब में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। शिरोमणि अकाली दल के नेताओं ने आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा है। हरसिमरत कौर बादल ने ग्रामीणों के साथ सरकार के कथित व्यवहार पर सवाल उठाया।

विक्रम सिंह मजीठिया ने सोशल मीडिया पर टिप्पणी करते हुए कहा कि एक सवाल की कीमत मौत नहीं होनी चाहिए। बीजेपी ने भी सरकार से सवाल किया कि क्या पंजाब में सरकार से सवाल करना अपराध बन गया है।

संगरूर पर फिर उठे सवाल

संगरूर पंजाब की राजनीति में खास महत्व रखता है। मुख्यमंत्री भगवंत मान इसी जिले से आते हैं। वित्त मंत्री हरपाल चीमा और पंजाब के आम आदमी पार्टी संगठन से जुड़े प्रमुख चेहरे भी संगरूर से संबंध रखते हैं।

ऐसे में गुलजार सिंह का मामला सरकार के लिए राजनीतिक रूप से संवेदनशील बन गया है। खासकर तब, जब जिले से जुड़े विवाद लगातार चर्चा में हैं।

जांच तय करेगी असली तस्वीर

फिलहाल पुलिस कार्रवाई शुरू हो चुकी है और गिरफ्तारियां भी हुई हैं। लेकिन सबसे अहम सवाल यह है कि गुलजार सिंह को किन परिस्थितियों में आत्महत्या जैसा कदम उठाना पड़ा और क्या उन पर वास्तव में किसी तरह का दबाव बनाया गया था।

इन सवालों का जवाब निष्पक्ष जांच से ही सामने आएगा। एक नागरिक द्वारा नशे जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दे पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक संवाद का हिस्सा है। अब इस मामले में सच सामने आना ही गुलजार सिंह के परिवार और पूरे पंजाब के लिए सबसे जरूरी है।

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