
बिहार में कथित टेंडर माफिया रिशु श्री मामले को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद अब जनता दल (यूनाइटेड) की ओर से जवाब सामने आया है। बिहार सरकार के मंत्री सुनील कुमार ने स्पष्ट कहा कि मामले की जांच पूरी गंभीरता से चल रही है और दोषी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
तेजस्वी के आरोपों पर सरकार का जवाब
रविवार को तेजस्वी यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कई सवाल उठाए थे। उनका आरोप था कि रिशु श्री को आगे कर बड़े अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि विपक्ष को बयान देने से पहले तथ्यों की पूरी जानकारी लेनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस मामले में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पहले ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जांच की स्थिति सार्वजनिक की जा चुकी है।

EOU कर रही है मामले की जांच
मंत्री ने बताया कि पूरे मामले की जांच आर्थिक अपराध इकाई (EOU) कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ रही है और यदि किसी अधिकारी या अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।
उन्होंने कहा, “दोषी कोई भी हो, उसे हर हाल में जेल की हवा खानी पड़ेगी।”
जनसुनवाई में सुनी आम लोगों की समस्याएं
सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जेडीयू कार्यालय से जाने के बाद मंत्री सुनील कुमार ने जनसुनवाई कार्यक्रम में लोगों की शिकायतें सुनीं। इस दौरान ग्रामीण सड़कों, बुनियादी सुविधाओं और अन्य प्रशासनिक समस्याओं से जुड़े कई मामलों पर अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि सरकार आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
भ्रष्टाचार पर सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
सुनील कुमार ने कहा कि बिहार सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि जिस मामले पर विपक्ष सवाल उठा रहा है, उसी मामले में सबसे पहले कार्रवाई भी सरकार ने ही शुरू की थी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को संरक्षण नहीं दिया जाएगा और कानून अपना काम करेगा।
रिशु श्री मामले को लेकर बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। एक ओर विपक्ष सरकार की भूमिका पर सवाल उठा रहा है, तो दूसरी ओर सरकार निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई का भरोसा दे रही है। अब सभी की नजर EOU की जांच और उसके निष्कर्षों पर टिकी हुई है।